विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'पेपर लीक और बेरोजगारी पर मायावती ने उठाए सवाल', कहा- उच्च अधिकारियों पर कार्रवाई करे सरकार

Published: Mon, 20 Jul 2026 02:29 PM (IST)

बसपा प्रमुख मायावती ने पेपर लीक और CJP आंदोलन को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने युवाओं की परेशानी ...और पढ़ें

बसपा प्रमुख मायावती। (तस्वीर- फाइल)

बसपा प्रमुख मायावती। (तस्वीर- फाइल)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पेपर लीक और काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं।

बसपा प्रमुख ने साेमवार को एक्स पर लिखा, पेपर लीक-गड़बड़ी आदि के कारण परीक्षाएं आदि रद्द होने की अनिश्चितता से युवा परेशान हैं, इसी कारण विभिन्न जगहों पर आक्रोश व आंदोलन आदि हो रहे हैं।

इस गंभीर स्थिति पर काबू में करने के लिए सरकारों को तत्काल सख्त कदम उठाने चाहिए। जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और परीक्षा व्यवस्थाओं से जुड़े उच्च पदों पर बैठे लोगों के विरुद्ध भी कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।

बसपा प्रमुख ने लिखा कि संसद का मानसून सत्र शुरू होने के समय सदन से लेकर सड़कों व दिल्ली के जंतर-मंतर पर विभिन्न मुद्दों को लेकर जबरदस्त टकराव की स्थिति है, इसे बेहतर सूझबूझ से टाला जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें- CJP Parliament March Live: जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर छोड़े आंसू गैस के गोले, संसद भवन के गेट बंद

अच्छे सरकारी स्कूल व पढ़ाई का अभाव में प्राइवेट स्कूल व कोचिंग संस्थाएं पनप रही हैं। युवा वर्ग व उनका परिवार, जबरदस्त महंगाई के इस दौर में भी अपना पेट काटकर आगे बढ़ने हेतु प्रतिबद्ध है। वे लोग आउट सोर्सिंग की शोषणकारी छोटी-मोटी नौकरी से आगे बढ़कर स्थाई व स्वाभिमानी नौकरी चाहते हैं।

बसपा प्रमुख ने मांग की है कि सरकारें कोचिंग संस्थाओं आदि पर भ्रष्टाचार मुक्त कड़ी निगरानी रखें और प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा स्तर तक सरकारी व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास करें।

अगर इन बातों पर ध्यान दिया जाए तो जंतर-मंतर पर सीजेपी के आंदोलन जैसी कार्रवाईयों के लिए युवा पीढ़ी को बाध्य नहीं होना पड़ेगा। सरकार इनके प्रति सहानुभूति का रवैया अपनाकर स्थिति का सही समाधान करें तो उचित होगा।