लखनऊ, जेएनएन।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वाराणसी में दिए 'आफ द केक मैटर्स' वाले बयान पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट के जरिए तंज किया। उन्होंने कहा कि देश की अधिसंख्य आबादी गरीबी, महंगाई, बीमारी, अशिक्षा व बेरोजगारी जैसी समस्या से जूझ रही है, ऐसे में केक की बात करना प्रधानमंत्री की निरंकुशता को जाहिर करता है। लगता है, भाजपा सरकार में देश उसी रास्ते पर चल रहा है, जैसा फ्रांस क्रांति के समय था।  

मायावती ने ट्वीट किया, 'ऐसे समय में जब अपने विशाल देश की अधिसंख्य आबादी का जीवन जबरदस्त महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, बीमारी, अशिक्षा आदि की बुनियादी समस्याओं से त्रस्त होकर रोटी-रोजी के लिए तरस रही है, पीएम उनके लिए केक की बात कर रहे हैं। यही है सत्ता का अहंकार व निरंकुशता जिससे आज पूरा देश झुलस रहा है।'

दूसरे ट्वीट में उन्होंने सवाल किया, 'भाजपा सरकार में देश क्या उसी रास्ते पर चल रहा है जिस प्रकार फ्रांसीसी क्रांति के समय कहा गया कि अगर लोगों के पास खाने को रोटी नहीं है तो वे केक क्यों नहीं खाते? वास्तव में जुमलेबाजी त्याग कर सरकार को देश की 130 करोड़ जनता की मूलभूत समस्याओं के प्रति गंभीर होना होगा।'

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में भाजपा के सदस्यता अभियान की शुरुआत करते हुए देश की अर्थव्यवस्था को पांच हजार अरब डॉलर की बनाने पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि 'साइज आफ द केक मैटर्स' यानी जितना बड़ा केक होगा, उतना बड़ा हिस्सा लोगों को मिलेगा। 

 

Posted By: Divyansh Rastogi