लखनऊ, जेएनएन। BSP President Comments on Mohan Bhagwat and BJP: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राषट्रीय अध्यक्ष मायावती (Mayawati) उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान किसी भी सदन की सदस्य ना होने के बाद भी काफी चर्चा में हैं। मायावती ने इस दौरान कभी समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) और कभी भाजपा (BJP) के पक्ष तथा विपक्ष में बयान जारी करने के बाद अब भाजपा के सामने बड़ा सवाल उठा दिया है।

उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रही बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत की कई उमेलाओं से भेंट को लेकर दो ट्वीट किया है। बसपा प्रमुख मायावती ने इस दौरान भाजपा के सामने बड़ा सवाल रखा है।

मायावती को उलेमाओं के आरएसएस (RSS Chief) प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) को राष्ट्रपिता कहने पर आपत्ति है। मायावती ने सवाल खड़ा किया है कि मोहन भागवत के खुद को उलेमाओं से राष्ट्रपिता कहलवाने से क्या भाजपा का नजरिया बदल जाएगा। बसपा सुप्रीमो मायावती ने मुस्लिम उलेमाओं से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की मुलाकात पर टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या इससे मुस्लिमों के प्रति भाजपा सरकारों के रुख में बदलाव होगा।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कल दिल्ली की मस्जिद तथा मदरसे में जाकर उलेमाओं से मुलाकात की और फिर उनसे अपने आप को राष्ट्रपिता व राष्ट्रऋषि कहलाया। उन्होंने पूछा कि इसके बाद क्या भाजपा और इनकी सरकारों का मुस्लिम समाज व उनके मस्जिद, मदरसों के प्रति नकारात्मक रूप में बर्ताव में बदलाव आएगा।

इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार खुली जगह में कुछ मिनट नमाज पढऩे की मजबूरी को भी सहन नहीं कर पा रही है। सरकारी मदरसों की उपेक्षा करते हुए निजी मदरसों में भी हस्तक्षेप पर उतारू है लेकिन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ही इस बारे में गहरी चुप्पी के क्या मायने निकल रहे हैं। इस पर भी जरूर गौर करें।

प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी इन दिनों निकाय चुनाव के साथ ही लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारी में लगी है। इसी को लेकर बसपा मुखिया इन दिनों सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय हो गई हैं।  

Edited By: Dharmendra Pandey