हरदोई, जेएनएन। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई से ज्यादा खाने की चिंता है। अभिभावकों को शिक्षण कार्य से ज्यादा मध्यांहन भोजन की शिकायत है। मुख्यमंत्री हेल्प लाइन पर की गई शिकायतों के आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। अब शिक्षा की गुणवत्ता सुधर गई या फिर मिड-डे मील में ज्यादा गड़बड़ी है यह तो जांच का बिंदु है, लेकिन टोल फ्री नंबर 1076 पर बेसिक शिक्षा विभाग की शिकायतों में पठन-पाठन, गुणवत्ता संबंधी शिकायतों से ज्यादा मध्यांहन भोजन न बनाए जाने या फिर वितरण में अनियमितता की शिकायत की गई है।आश्चर्य की बात यह कि प्रदेश में टाप-10 जिलों में हरदोई भी शामिल है। जबकि सीतापुर सबसे ऊपर है।

जन समस्या दूर करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री हेल्प लाइन की 13 फरवरी 2018 को शुरुआत की गई थी। टोल फ्री नंबर 1076 पर दर्ज शिकायतों का संबंधित विभागों से निस्तारण कराया जाता है। वैसे तो सभी विभागों की शिकायतें पहुंच रही हैं लेकिन शिकायतों के पर्यवेक्षण में जो आंकड़े सामने आए उसमें बेसिक शिक्षा विभाग की रिकार्ड शिकायतें आईं। 17 अगस्त 2019 तक जो आंकड़े जारी हुए उनके अनुसार 9019 शिकायतें हुईं। घटिया निर्माण कार्य, छात्रवृत्ति, परीक्षा संबंधी, यूनीफार्म, रसोइयां संबंधी आदि 19 बिंदुओं की शिकायतों में विद्यालयों में पठन पाठन और गुणवत्ता की 549 शिकायत की गईं तो बच्चों को सही खाना न मिलने की 838 शिकायत हुई हैं। शासन के निर्देश पर शिकायतों का निस्तारण भी कराया गया, जो लंबित हैं उनकी जांच चल रही है लेकिन विद्यालयों में तो पढ़ाई की ज्यादा चिंता होनी चाहिए। शासन प्रशासन मिड-डे मील पर जोर दे रहा है तो अभिभावकों का भी उधर ही ध्यान है। शिकायतों में भी प्रदेश में अधिकतम शिकायत वाले जिलों में हरदोई चौथे स्थान पर है। जबकि सीतापुर नंबर एक और मथुरा 10 वें स्थान पर है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव का कहना है कि शिकायतों का शत प्रतिशत निस्तारण कराया जा रहा है। शिकायतें न हों इसके लिए जो भी खामी मिल रही उसे भी दूर कराया जा रहा है।
 
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर सर्वाधिक शिकायतों वाले जिले
जिला-   शिकायत---लंबित-- डिफाल्टर
सीतापुर-  218-    29-    37
गोंडा-    205-    27-   76
प्रयागराज- 183-    34-   27
हरदोई-   160-     30-   29
खीरी-    146-    13-   02
बाराबंकी-  138-   25-   12
बहराइच-   137-  25-   21
आगरा-  135-     27-    46
बदायूं-   108-    22-     04
मथुरा-    98-   16-     25
( आंकड़े 17-08-2019 तक की राज्य परियोजना कार्यालय से जारी सूची के आधार पर हैं)
 
शिक्षक और संसाधन की सबसे ज्यादा शिकायत
परिषदीय विद्यालयों में संसाधनों पर लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन उसके बाद भी संसाधनों की शिकायतें आ रही हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर 17 अगस्त 2019 तक दर्ज 9019 शिकायतों में 2131 विद्यालयों में सुविधाओं की कमी की हैं। जबकि 3054 शिक्षक संबंधी अन्य शिकायतें हैं। 

Posted By: Anurag Gupta

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