जागरण संवाददाता, लखनऊ: प्रदेश में महिलाओं के लिए शुरू की गई वूमेन पावर लाइन 1090 सेवा 48 घंटे बाधित रही। यह खबर जागरण में छपी तो सोमवार को यह मुद्दा विधानसभा में उठ गया। यहां प्रश्नकाल के दौरान पूछा गया कि आखिर ऐसा कौन सा कारण है कि शनिवार शाम से 1090 पर फोन नहीं लग रहा।

विधानसभा में दैनिक जागरण की सोमवार के अंक में '100 बार मिलाया, फिर भी नहीं मिला 1090' शीर्षक से प्रकाशित खबर का हवाला दिया गया। इसके बाद आनन-फानन में सोमवार शाम को 1090 की सभी लाइनें दुरुस्त करते हुए सिस्टम शुरू कर दिया गया, तब जाकर संबंधित अधिकारियों ने राहत की सांस ली। आइजी नवनीत सिकेरा ने बताया कि विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद शासन की ओर से जवाब मांगा गया था। जिसपर उन्होंने अपने जवाब में बीएसएनएल की फोन लाइनें 19 जगह से कट जाने से सेवाएं बाधित होना बताया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि अब सिस्टम पहले की तरह दुरुस्त है। उधर करीब 48 घंटे तक वूमेन पावर लाइन (1090) की सभी फोन लाइनों का नेटवर्क ध्वस्त होने से छेड़खानी की शिकार हजारों महिलाओं का बुरा हाल रहा। 1090 के आइजी नवनीत सिकेरा का दावा है कि पावर लाइन में चौबीस घंटे के अंदर करीब नौ हजार महिलाओं की शिकायतें रजिस्टर्ड होती हैं और सभी का तुरंत निस्तारण भी होता है। ऐसे में 48 घंटे तक फोन न लगने से शोहदों से परेशान हजारों महिलाओं का क्या हाल होगा, सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

By Jagran