लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में गरीब महिलाओं तथा मूक-बधिर बच्चों सहित हजार से अधिक लोगों का मतांतरण कराने के मुख्य आरोपित मोहम्मद उमर गौतम इन दिनों काफी किरकिरी हो रही है। इसी बीच जमीयत उलेमा-ए-हिंद खुलकर उमर गौतम के पक्ष में आ गई है। मोहम्मद उमर गौतम सात दिन की रिमांड पर उत्तर प्रदेश एसटीएफ की कस्टडी में है। उधर जमीयत उसकी कानूनी लड़ाई लडऩे की तैयारी में लगी है।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के कार्यवाहक राष्ट्रीय कार्यवाहक मौलाना महमूद मदनी ने एलान किया है कि उमर गौतम की कानूनी लड़ाई हम लड़ेंगे। मौलाना महमूद मदनी ने बताया कि जमीयत के महसचिव मौलाना हकीमुददीन कासमी ने लखनऊ पहुंच कर उमर गौतम के परिवार को क़ानूनी मदद का आश्वासन दिया है। मदनी ने यह भी कहा कि इस मामले में यूपी सरकार का बयानबाजी पर मदनी ने कहा कि सरकार सबके लिए बराबर होनी चाहिए। लगातार इस्लाम धर्म का अपमान कर मुसलमानों के दिलों को चोट पहुंचाने वाले यति नरसिंहनंद जैसे लोगों पर भी कार्रवाई की बात कही जानी चाहिए।

मौलाना मदनी ने कहा कि अदालत में न्याय मांगना सभी का मौलिक अधिकार है, इससे कोई भी वंचित नहीं कर सकता है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने उमर गौतम के बेटे अब्दुल्ला उमर के अनुरोध पर यह निर्णय लिया है कि इस मामले में अदालती कार्रवाई की जाएगी। मौलाना मदनी ने कहा कि अगर उन्होंने कुछ गलत किया है तो उनके लिए सजा तय करना कोर्ट का काम है। कोर्ट से हटकर कोर्ट बनना और दोषी पाए जाने से पहले किसी को दोषी ठहराना खतरनाक प्रथा है। उन्होंने कहा कि वह अदालत से मीडिया ट्रायल पर रोक लगाने का भी आग्रह करेंगे, क्योंकि इस तरह का मीडिया ट्रायल न केवल दुनिया में भारत की छवि को खराब करता है, बल्कि देश की व्यवस्था के साथ-साथ न्याय के लिए संघर्ष का भी मजाक उड़ाता है।

मौलाना मदनी का मीडिया पर भी हमला

मौलाना मदनी ने उमर गौतम मामले में मीडिया की भूमिका को भी चिंताजनक और निंदनीय बताया है। सहारनपुर के देवबंद में बुधवार को जबरन मतांतरण के मामले में उमर गौतम समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार करने के मामले में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने बयान जारी किया है। मौलाना ने कहा कि जिस प्रकार मीडिया उमर गौतम मामले को पेश कर रहा है वह निंदनीय और चिंताजनक है। अल्पसंख्यकों और कमजोर वर्ग के मामले में मीडिया के लिए जज बनना और उन्हेंं अपराधी के रूप में पेश करना आम बात हो गई है।

मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि जिस प्रकार उमर गौतम मामले में मीडिया ट्रायल हो रहा है ऐसा ही रवैया मीडिया ने इससे पहले तब्लीगी जमात के मामले में भी अपनाया था। ऐसे मामलों में फंसे लोगों को जब अदालत बरी कर देती हैं तो मीडिया खामोश हो जाता है।

 

Edited By: Dharmendra Pandey