बाराबंकी, जेएनएन। बेरिया गांव में 25 से 30 लोगों का गिरोह दो दिन से रह-रहकर हथगोले चला रहा है। इसमें आठ लोग घायल हुए हैं, जोकि, जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं। गांव में चल रहे गैंगवार से अनुसूचित जाति के लोग दहशत में हैं। हालात के मददेनजर दूसरे दिन गांव पीएससी तैनात कर दी गई है। जहांगीराबाद के ग्राम बेरिया में वोट न देने पर मंगलवार को अनुसूचित जाति और अन्य लोगों के घरों को घेरकर हथगोले फेंके गए थे। इसमें एक पक्ष के रईसा, रोशन, सलमान, शादाब, शादान, शमशाद और दूसरे पक्ष के वसीम घायल हुए थे। जान बचाकर लोग जहांगीराबाद थाने पहुंचे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मामला बढ़ता देख देर शाम मुकदमा तो दर्ज किया गया, पर सख्ती नहीं दिखाई गई। इसी के चलते बुधवार को सुबह होते ही फिर से हथगोले चलाए जाने लगे। इसमें मुन्ना राइन घायल हो गए। इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने पर पुलिस मौके पर पहुंची। कार्रवाई ने नाम पर दो मुकदमे दर्ज किए। बुधवार को पुलिस ने विस्फोटक सामग्री और हत्या की कोशिश में मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस ने दोनों पक्षों से भी मुकदमा लिखा है, जिसमें वसीम, हसीब, लतीफ, मैकू, मुनीब, जिलानी, मुजीब और दूसरे पक्ष से मुन्ना, सलमान, शादाब, कलाम, सदाम, शमशाद, मेराज पर एफआइआर लिखी है। गांव में तनाव है, पुलिस तैनात कर दी गई है। थानाध्यक्ष दर्शन यादव ने बताया कि कार्रवाई की जा रही है, बुधवार को सात पर मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

आखिर कहां से आए हथगोले: अब सवाल उठता है कि इन लोगों के पास हथगोले कैसे पहुंचे। पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने अधीनस्थों को लगातार गश्त करने के आदेश दे रखे हैं। ऐसे में हथगोले चलाए जाना न सिर्फ अराजकता को बढ़ावा देना है बल्कि पुलिस को भी चुनौती है। साथ ही पुलिस की सक्रियता को भी सामने लाने का काम किया है।

सीओ के नेतृत्व में टीम गठित

अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि जहांगीराबाद थाना के ग्राम बेरिया में प्रधानी के चुनाव में हार-जीत को लेकर हथगोले चले थे। इस मामले में पीएससी तैनात कर दी गई है। गिरफ्तारी के लिए सीओ सिटी के नेतृत्व में टीम गठित कर दी गई है। इस पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। 

Edited By: Anurag Gupta