लखनऊ, जागरण संवाददाता। प्रदेश के महाठग साइन सिटी के निदेशक राशिद नसीम ने देशभर में 60 हजार करोड़ से अधिक की ठगी की। राशिद को वर्ष 2019 में नेपाल के काठमांडू से गिरफ्तार किया गया था। बाद में नेपाल से उसे जमानत मिल गई थी अब सारा माल समेट कर वह दुबई से ठगी का नेटवर्क चला रहा है। रााश‍ि‍द अब जार्जिया की नागरिता लेने की भी फिराक में है। पुल‍िस राशिद की पत्नी और भाई समेत उसकी कंपनी के कई कर्मचार‍ियों समेत करीब 50 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, एसटीएफ ने बीते 30 जून को शाइन सिटी के नेशनल हेड बृज मोहन सिंह को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

दुबई से कई देशों में चला रहा अपना नेटवर्क 

महाठग राशिद नसीम ने दुबई जाकर खुद को ग्लोबल ब्रांड घोषित कर दिया। अब दुबई से वह कई देशों में ठगी का नेटवर्क चला रहा है। वर्ष 2018 में उसने यूएसए, लंदन, न्यूजीलैंड, कनाडा, डेनमार्क, स्वीडन, आयरलैंड, हांगकांग, सिंगापुर, नार्वे, स्विट्ज़रलैंड, फिनलैंड, मलेशिया, जार्जिया देशों में अपनी कम्पनियां शुरू करने का ऐलान किया। राशिद नसीम ने रियल एस्टेट में ग्रुप हाउसिंग, फ्लैट, कामर्शियल प्रापर्टी, आवासीय व व्यावसायिक प्लाट, रो हाउसिंग के प्रोजेक्ट बनाये। इलेक्ट्रॉनिक्स में उसने एलईडी टीवी, रेफ्रिजरेटर, माइक्रोवेव ओवन, मिक्सर-ग्राइंडर, पंखे समेत अन्य घरेलू उत्पाद लांच कर दिए है। इसके अलावा कई अन्य देशों के भी संपर्क में है।

कई सफेदपोशों की काली कमाई भी व्यवसाय में

राशिद नसीम के सेटिंग सफेदपोशों और अफसरों के बीच में बहुत अच्छी थी। उसके कोई काम नहीं रुकते थे। उसने अफसरों और सफेदपोशों की काली कमाई भी अपने व्यवसाय में लगा रखी थी। यह लोग उसका काम रुकने नहीं देते थे।

इसलिए लखनऊ में रहने के दौरान भी उस पर बहुत से ठगी के मुकदमें दर्ज हुए पर गिरफ्तारी नहीं हुई। गोमतीनगर पुलिस और एसआरएस माल चौकी की पुलिस तो जैसे उसके इशारों पर काम करती थी। पहले शाइन सिटी कम्पनी की ठगी के शिकार लोगों को पुलिस थाना-चौकी से ही टरका देती थी। पुलिस की राशिद और उसके गुर्गों से सांठगांठ थी।

किसानों की जमीन किराए पर लेकर लगा देता था कंपनी का बोर्ड

राशिद नसीम ने सीतापुर रोड पर बीकेटी और रायबरेली रोड पर निगोहां में, जेल रोड पर किसानों की जमीने 25-25 हजार रुपये मासिक किराए पर ली। कई एकड़ जमीन लेकर उस पर गेट लगवाकर शाइन सिटी इंफ्रा कंपनी का बोर्ड लगवा दिया। निवेशकों को यहीं पर प्लाट दिखाए जाते थे।

लुभावनी योजनाएं बताता था। इसके अलावा वाराणसी में बाबतपुर एयरपोर्ट के पास व कई अन्य स्थानों और शहरों में कई एकड़ जमीन ले रखी थी। कुछ दिन तक किसानों को भी उनकी जमीन का किराया देता फिर वह भी बंद कर देता और टाल मटोल करता। इस बीच प्लाट दिखाकर लोगों की लाखों की रकम मार देता था।

Edited By: Anurag Gupta