लखनऊ, जेएनएन। PM Narendra Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रविवार को रेडियो पर अपने कार्यक्रम मन की बात (Mann Ki Baat) में हरदोई जिले के युवा जतिन ललित सिंह (Jatin Lait Singh) के प्रयास को जमकर सराहा। पीएम मोदी ने आज मन की बात में जिन दस विषयों को प्रकट किया, उनमें जतिन ललित का योगदान भी एक है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात के 95वें एपिसोड में उत्तर प्रदेश के युवा के प्रयास को काफी सराहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से करीब 70-80 किलोमीटर दूर हरदोई का एक गांव है बांसा। मुझे इस गांव के जतिन ललित सिंह जी के बारे में जानकारी मिली है, जो शिक्षा की अलख जगाने में जुटे हैं। कोई अगर विद्या का दान कर रहा है, तो वो समाज हित में सबसे बड़ा काम कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हरदोई के गांव बांसा में जतिन ललित सिंह शिक्षा की अलख जगाने में जुटे हैं। जतिन ललित सिंह ने करीब दो वर्ष पहले यहां पर सामुदायिक पुस्तकालय और अनुसंधान केंद्र शुरू किया। अब तो यहां पर तीन हजार से भी अधिक पुस्तकें उपलब्ध हैं।

ग्रामीणों को शिक्षित करने का बड़ा अभियान

मल्लावां विकास खंड के ग्राम बांसा निवासी जतिन नोएडा के गलगोटिया विश्वविद्यालय में एलएलबी के छात्र हैं। उनका शुरू से ही पढ़ाई के प्रति रुझान रहा। प्राथमिक शिक्षा के दौरान उनको किताबों की कमी महसूस होती थी। किसी तरह किताबों की व्यवस्था करते थे। नोएडा में दाखिले के बाद वह दिल्ली की लाइब्रेरियों में भी पढऩे जाते थे। वर्ष 2016 में वह द कंपनी लाइब्रेरी प्रोजेक्ट में पढऩे-लिखने गए। यहां की व्यवस्थाएं देखकर बहुत ही प्रभावित हुए। उन्होंने सोचा ऐसा ही पुस्तकालय यदि उनके गांव में खुल जाए तो गांव के बच्चों की तकदीर बदल सकती है।

बदल दी बांसा की तस्वीर

शिक्षा से ही तकदीर बदलने की बात को मन में ठानने वाले बांसा गांव के जतिन ललित सिंह ने पहले तो इसको खुद समझा और अब गांव के बच्चों को भी समझाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षा की अलख को अपने गंाव के साथ पास के लोगों तक पहुंचाने के लिए उन्होंने साथियों के साथ गांव में ही आधुनिक पुस्तकालय की स्थापना की। अब गांव में फालतू घूमने वाले बच्चे अब पुस्तकालय में बैठकर पढ़ाई करते हैं।

दो साल में ही किया कमान

जतिन ललित ने शैक्षिक माहौल में परिवर्तन करने के लिए एक दिसंबर 2020 को गांव में ही बांसा कम्युनिटी लाइब्रेरी एंड रिसोर्स सेंटर की स्थापना की। अब इसमें तीन हजार से अधिक किताबें हैं। इन किताबों में हिंदी-अंग्रेजी उपन्यास, प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें, मासिक पत्रिकाएं शामिल हैं।

हर दिन पढऩे वालों का तांता

जतिन की इस लाइब्रेरी में हर दिन करीब 60-70 विद्यार्थी पढऩे के लिए आने लगे हैं। यहां की लाइब्रेरी के संचालन में निदेशक मालविका अग्रवाल और समन्वयक अभिषेक व्यास का अहम योगदान है।

मंदिर परिसर में बनाई लाइब्रेरी

लाइब्रेरी का भवन गांव के ही एक मंदिर परिसर में है। भवन का निर्माण कराने के लिए 99 वर्ष के लिए भूमि को लीज पर लिया गया है। लक्ष्य है कि यह पुस्तकालय एक अध्ययन केंद्र के रूप में संचालित हो। ऐसा केंद्र जो स्वयंसेवी शिक्षण (भौतिक और दूरस्थ दोनों) और आजीवन शिक्षा ग्रहण करने पर कार्यरत रहे। 

Edited By: Dharmendra Pandey

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