लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। आम के शौकीन लोगों के लिए खुशखबरी है। चार जुलाई से सात जुलाई तक उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अवध शिल्प ग्राम में आम महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। एक हजार किस्म के आम इसमें प्रदर्शित किए जाएंगे। आम के तरह-तरह के व्यंजन के भी स्टाल लगेंगे।

लोग आम की खीर, आम कबाब, आम कुल्फी व आम लस्सी सहित आम से बनें तरह-तरह के 75 व्यंजन खा सकेंगे। कई प्रतियोगिताएं होंगी और आम के उत्पादन को बढ़ाने व किसानों को ज्यादा लाभ दिलाने के लिए विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। लोक भवन में पत्रकारों से बातचीत में प्रमुख सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण राजेश कुमार सिंह ने यह जानकारी दी। आम महोत्सव का लोगो भी लांच किया गया।

चार जुलाई को शाम पांच बजे राजधानी लखनऊ के अवध शिल्प ग्राम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आम महोत्सव का उद्धाटन करेंगे। वह यूपी मैंगो बुक लांच करेंगे। आम महोत्सव में सभी हितकारी शामिल होंगे। किसान, किसान उत्पादक संगठन, पैक हाउस, स्वयं सहायता समूह, निर्यातक व व्यापारी आदि सभी एक मंच पर होंगे।

आजादी के अमृत महोत्सव को भी मनाया जाएगा। यहां आम चौक जो कि एक सांस्कृतिक मंच होगा और इसमें 75 लाइव प्रदर्शन होंगे। आम बाजार में देश भर के 75 किसान अपना उत्पाद बेचेंगे। आम पौधशाला में 75 किस्म के आम के पौधे बेचे जाएंगे। इसके अलावा बागवानी व खाद्य प्रसंस्करण गोष्ठी का आयोजन होगा। आम का निर्यात बढ़ाने, उत्पादन बढ़ाने, जैविक खेती आदि पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। आम से जुड़े 40 स्टार्टअप भी इसमें शामिल होंगे।

यूपी में 13 जिलों बना आम फलपट्टी कलस्टर : निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण आरके तोमर ने बताया कि यूपी में 45 लाख टन आम का उत्पादन होता है। लखनऊ का दशहरी आम काफी विख्यात है। यहां एक हजार तरह की आम की किस्में पैदा की जाती हैं। राज्य सरकार ने 13 जिलों में आम फलपट्टी कलस्टर बनाकर आम का उत्पादन और बढ़ाने पर जोर दिया है। दशहरी व रतौल को जीआइ टैग किया गया है। लंगड़ा, चौसा और गौरजीत की जीआइ टैगिंग के लिए आवेदन किया गया है।

Edited By: Umesh Tiwari