लखनऊ [अंशू दीक्षित]।  केस एक- सर मैं और मेरा पूरा परिवार कई दिनों से भूखा है। बच्चों को दो दिन से पानी में भिगोकर ब्रेड खिला रहा हूं। पत्नी और मेरे मुंह में एक निवाला नहीं गया है। अगर आप दो वक्त की रोटी का इंतजाम कर देते तो हम सब आपके जीवन भर आभारी रहते। जी हां यह फोन गोमती नगर विस्तार स्थित  एक गांव से ओम प्रकाश ने उत्तर प्रदेश पाॅवर आफीसर्स एसोसिएशन के हेल्प लाइन नंबर 0522 40263265 पर आया था। बैटरी रिक्शा चालक ओम प्रकाश ने पदाधिकारियों को बताया कि फोन नंबर दैनिक जागरण अखबार में छपा था, क्या मदद मिल पाएगी? वहीं पूरी दास्तां सुनकर टीम के पदाधिकारियों ने आटा, दाल, चावल, मसाले, तेल और सैनिटाइजर लेकर पहुंचे और उपलब्ध करया। 

केस दो-बिजली विभाग में पूर्व निदेशक के पद पर रहे श्रीकांत प्रसाद का ऑक्सीजन लेवल मंगलवार सुबह कम हो गया। गोमती नगर निवासी श्रीकांत ने दोपहर तक सिलेंडर न मिलने पर एसोसिएशन की कोविड हेल्प लाइन नंबर पर फोन किया और मदद मांगी तो एसोसिएशन के  अध्यक्ष अवधेश कुमार, महासचिव आरपी केन व अतिरिक्त महासचिव अजय कुमार 12  लीटर का पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर उनके आवास पहुंचे। परिजनों ने देखा कि उनके फोन पर एसोसिएशन के लोगों आ गए है, इस पर फूले नहीं समाए। पूरा परिवार ने शुक्रिया अदा किया। वहीं ऑक्सीजन सिलेंडर लगाते ही पौन घंटे में श्रीकांत की स्थिति नियंत्रण में हो गई। 

केस तीन-एक दुकान में काम करने वाले निशांतगंज निवासी महेंद्र कुमार को डेढ़ माह से वेतन नहीं मिला, क्योंकि दुकान बंद है। सिर्फ दो वक्त की रोटी की व्यवस्था चल रही थी। इस दौरान पत्नी की दवाइयां खत्म हो चुकी थी। पत्नी मानसिक रूप से बीमार है। महेंद्र ने फोन करके एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बताया कि दवा के पैसे नहीं है, पत्नी घर से निकल निकल भाग रही है। बहुत परेशान हू्ं। रात में भी बहुत परेशान होती है। टीम ने मौके पर पहुंचकर दवाइयां उपलब्ध कराई। 

उत्तर प्रदेश पॉवर आफिसर्स एसोसिएशन की पूरी टीम 25वें दिन भी जरूरतमंदों के फोन आए। इनमें एक बुजुर्ग महिला का फोन दैनिक जागरण पढ़कर आया और आग्रह किया कि वह उनकी इस सहभागिता में शामिल होना चाहती हैं, महिला ने बताया कि वह घर में मास्क बनाती है। इसी तरह तेलीबाग से सेवानिवृत सैन्य अधिकारी ने एसोसिएशन के कार्य की प्रशंसा की और मदद का आश्वासन दिया। हालांकि टीम ने दोनों मददगारों से मदद न लेते हुए उत्सावर्धन के लिए धन्यावाद दिया। कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बताया कि टीम हेल्प लाइन नंबर सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक ही काम करता है। इसलिए मददगार इसी समय फोन करे, तो उनकी मदद की जा सकती है।