लखनऊ, जेएनएन। बिगड़ती कानून व्यवस्था और महिलाओं के प्रति बढ़ते आपराधिक मामलों को लेकर महिला कांग्रेस अध्यक्ष  सुष्मिता देव ने प्रतिनिधमंडल के साथ राजभवन जाकर राज्यपाल रामनाईक को ज्ञापन सौंपा। साथ ही यूपी सरकार को उचित निर्देश देने की मांग की। उन्होंने चेताया कि सरकार अापराधियों के खिलाफ उचित कार्यवाही नहीं करती तो महिला कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। उल्लेखनीय है कि उन्नाव का विधायक कांड,  आगरा की संजली को जिंदा जलाने का मामला, गोरखपुर में यौन हिंसा, लखनऊ की छह साल की बच्ची जैसे एक नहीं अनेक मामलों ने प्रदेश की महिलाओं को दहला दिया है।

महिला अपराध रोकने में योगी सरकार विफल 

सुष्मिता देव ने कहा कि प्रदेश की मौजूदा सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने और दोषियों को सजा दिलाने में विफल है जिसके चलते लाखों महिलाएं डर के साये में जीने को मजबूर हैं। मामले की गंभीरता को देखते इसके विरोध में विगत 28 दिसंबर 2018 से हस्ताक्षर अभियान चलाया जिसका 4 जनवरी को समापन हुआ। इसमें यूपी से 40 हजार महिलाओं ने हस्ताक्षर किये। सुश्री देव ने राज्यपाल से मांग की कि महिलाओं के प्रति गंभीर अपराधों को देखते यूपी सरकार को तुरंत उचित निर्देश दें। 

भाजपा के अनेक नेताओं के बयान महिला विरोधी

कांग्रेस  प्रवक्ता अनूप पटेल ने जारी बयान में कहा कि राज्यपाल को ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमंडल में विधायक अराधना मिश्रा,  महिला कांग्रेस महामंत्री शमीना शफीक, महिला कांग्रेस की प्रदेश महामंत्री अनुपमा रावत, महिला कांग्रेस की सभी जोन अध्यक्ष शामिल रहीं।सुष्मिता देव ने बाद में प्रेसवार्ता में कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार महिलाओं के खिलाफ बलात्कार, अपहरण, हत्या, दहेज हत्या आदि अपराधों को रोकने में विफल है। जहां भाजपा विधायक बलात्कार में संलिप्त पाये गए हैं। भाजपा के अनेक नेता महिला विरोधी बयान देने में आगे हैं। यूपी में प्रतिदिन औसतन आठ महिलाओं का बलात्कार, तैंतीस अपहरण, सौ से ज्यादा महिला अपराधों के एफआइआर दर्ज हो रहे हैं। 

 

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Posted By: Nawal Mishra