लखनऊ, जेएनएन। विश्वविद्यालय (लविवि) नई शिक्षा नीति लागू करेगा। इसको लेकर शीघ्र ही विशेषज्ञों के साथ मंथन होगा। वहीं प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार व यूजीसी को भेजा जाएगा।

दरअसल, केंद्र सरकार ने हाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का एलान किया है। ऐसे में नीति का ड्राफ्ट तैयार करने वाले एक्सपर्ट के साथ लविवि मंथन करेगा। इसके लिए 15 जुलाई को विवि के शिक्षकों, डीन व अन्य विशेषज्ञों का सेमिनार होगा। इसमें उच्च शिक्षा में बदलाव व विभिन्न मसलों पर सुझाव देंगे। साथ ही यूनीवर्सिटी के मौजूदा संसाधन, कोर्स व शैक्षणिक गतिविधियों का पूरा ब्योरा रखेंगे।

कोर्स की अवधि में भी होगा फेरबदल

कुलपति प्रो. एसपी सिंह के मुताबिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति के ड्राफ्ट पर चर्चा होगी। इसमें उच्च शिक्षा के कोर्सों के अवधि पर मंथन होगा। साथ ही प्रोफेशनल कोर्स, आवेदन की उम्र, कोर्स व पठन-पाठन का स्टैंडर्ड समेत सभी बिंदुओं को शामिल किया जाएगा।

यूनीवर्सिटी एसोसिएशन को भी जाएगा प्रस्ताव

नई शिक्षा नीति पर लविवि प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजेगा। इसके अलावा यूजीसी चेयरमैन, इंडियन एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनीवर्सिटी को भी प्रस्ताव भेजा जाना है। वहां से हरी झंडी मिलने पर नई शिक्षा नीति के आधार पर लविवि में पढ़ाई की तैयारी होगी।

प्राइमरी-माध्यमिक में होगा बदलाव

राष्ट्रीय शिक्षा नीति सिर्फ उच्च शिक्षा ही नहीं प्राइमरी व माध्यमिक में भी लागू होगी। इसको लेकर भी विभागों में तैयारी चल रही है। इसका प्रस्ताव भी बनाकर भेजा जाएगा।  

Posted By: Divyansh Rastogi

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