लखनऊ, जेएनएन। Eid ul Fitr 2021: एक महीने के रमजान पाक के 30वें रोजे का गुरुवार को सवाब मिलने की खुशी रोजेदारों में साफ नजर आ रही थी तो दूसरी ओर संक्रमण से खुद के साथ समाज को बचाने का उत्साह भी कम नहीं दिखा। शुक्रवार को ईद मुबारक की खुशियां अपनों के साथ मनाने और गले लगाने और हाथ मिलाने के परहेज करने की मौलानाओं की अपील काे भी मुस्लिम समाज के लोग मानने को तैयार हैं। कोरोना संक्रमण से देश व समाज को बचाने के लिए पहला ऐसा मौका होगा जब ईद पर एक दूसरे को गले लगाने के बजाय दूर से या मोबाइल फोन से मुबारकबाद देंगे। शुक्रवार को सुबह 11 बजे से घरों में ईद की नमाज होगी और उसके बाद रोजेदार परिवार को ईद मुबारक बोेलेंगे और दोस्तों व संबंधियों को फोन पर मुबारकबाद देंगे।

मौलानाओं ने भी पुराने साफ कपड़े पहनकर ईद मनाने की गुजारिश की है। कोरोना संक्रमण के चलते व लॉकडाउन की पाबंदियों पर अमल करने के लिए ईदगाह या जामा मस्जिद और शहर की अन्य मस्जिदों में ईद पर पांच रोजेदार ही नमाज अदा करेंगे। इमाम ईदगाह मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने ने सभी से फाेन पर ईद की मुबारक बाद देने और परिवार के साथ ईद मनाने की अपील की है। घरों में नमाज पढ़ने और मस्जिद में पांच राजेदारोें को ही नमाज पढ़ने के लिए कहा है।

वरिष्ठ शिया धर्मगुरु और इमाम-ए-जुमा मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने सभी को शुक्रवार को ईद के मुबारक दिन शारीरिक दूरी बनाकर नमाज घरों में नमाज पढ़ने और गले लगाने से परहेज करने की गुजारिश की है। उन्होंने बताया कि मजलिस-ए-उलमा-ए हिंद की वेबसाइट पर ईद की नमाज लाइव होगी। सुबह 11 बजे से नमाज अदा की जाएगी। ईद के लिए हमेशा से ही रहा है कि पहले गरीबो की मदद करें फिर खुद ईद मनाएं। ऐसे में इस बार इसका खास ख्याल रखें। अच्छे-अच्छे पकवान खाने से अच्छा है कि जरूरतमंदों की मदद करें। काजी-ए- शहर मुफ्ती इरफान मियां फरंगी महली ने इसका फतवा भी बीते दिनों जारी किया था।उन्होंने ईद के दिन कुछ हिदायतों पर अमल करने की अपील की है।

ईद पर क्या करें

  • लॉकडाउन की वजह से आप मस्जिद या ईदगाह में नमाज न पढ़ पाने पर नमाज़ -ए- ईद के गुनाहगार आप नहीं होंगे।
  • यह नमाज़ अकेले पढ़ें यही वर्तमान हालात में बेहतर होगा।
  • कोई भी मुसलमान अपने घर पर ईद की नमाज़ बा जमात ना पढ़ें।
  • घर की महिलाएं भी नमाज़ पढ़े।
  • मुसलमान अगर चाहे अपने - अपने घरों पर दो रकात या चार रकात (मुस्तहब ) नफिल नमाज़ शुकराना अकेले-अकेले पढ़ सकते हैं।
  • याद रखें यह नमाज़ सुबह 6:30 बजे से लेकर 11: 30 बजे दिन से पहले ही अदा करनी है।
  • हालाते हाज़रा में ईद मनाने के लिए नए कपड़ों की ज़रूरत नही है , जो कपड़ा आपके पास बेहतर हो वही पहनकर ईद मनाएं।
  • ईद की ख़ुशी अपने -अपने घरों में मनाए न तो किसी के घर जाएं और न ही किसी को अपने घर बुलाएं।
  • ईद की खुशी में लोगों से गले मिलने और मुसाफा करने से परहेज़ करें।
  • मोबाइल फोन के ज़रिए ही दोस्तों , रिश्तेदारों , मिलने वालों को ईद की मुबारकबाद दें।
  • मौजूदा हुकूमत की तरफ से कोरोना के संबंध में जारी की गई गाइडलाइंस पूरा अमल करेंगे।
  • गरीब मुसाफिर परेशान हाल की हर मुमकिन मदद की जाए।

शीर- खुरमा की सेवई होगी खास : ईद की बात हो सेवई का नाम न हो यह कैसे हो सकता है। ईद के सबसे खास पकवान को बनाने के तरीके भी अलग-अलग है। कुर्सी रोड निवासी शिक्षिका शबाना आजमी ने बताया कि ईद में सामान्य सेवई से इतर शीर-खुरमा वाली सेवई बनती है। शीर का मतलब दूध और खुरमा या कोरमा का मतलब सूखे मेवे का मिक्चर। मैदे की या हाथ से बनी सेवई का प्रयोग किया जाता है। लॉकडाउन और काेरोना संक्रमण के चलते लोग परिवार के साथ शीर-खुरमा की सेवई बनाकर सेवन करेंगे। इसके अलावा सामान्य दूध व चीनी मिक्स के साथ ही सूखी सेवई भी बनती है। घरों में सेवई बनाने की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं।

परिवार बनेगा मेहमान : ईद पर एक दूसरे के घर जाकर सेवई खाने की परंपरा से इतर इस बार घरों में ही परिवार के साथ लोग लजीज सेवई का लुत्फ उठाएंगे। महिलाएं परिवार की मेहमानवाजी के लिए तैयार हैं। आशियाना के शौकत अली ने बताया कि परिवार के लोगों के साथ त्योहार मनाया जाएगा। किसी को बुलाया नहीं जा रहा है। सभी को फाेन पर ही ईद की मुबारकबाद दी जाएगी। सरोजनीनगर के मुमजात अहमद ने बताया कि मुहम्मद जावेद, मुहम्मद फरहान, मुहम्मद नावेद केे अलावा आजम व अरमान सहित परिवार के लोगों के साथ घर में ही सेवई का सेवन करेंगे।

Edited By: Anurag Gupta