लखनऊ, जागरण संवाददाता। हर घर तिरंगा कार्यक्रम के दौरान कुछ अराजकत्वों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज का अपमान, अनादर करने या फाड़े व जलाए जाने की संभावना है। इसको लेकर शासन के निर्देश पर पुलिस और प्रशासन अलर्ट हो गया है। जेसीपी कानून व्यवस्था पीयूष मोर्डिया ने मात हतों के साथ बैठ कर इस संबंध में कड़े निर्देश दिए हैं।

जेसीपी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि आजादी के अमृत महोत्सव को मनाए जाने के दौरान राष्ट्रीय ध्वज का पूर्ण सम्मान होना चाहिए। इसका हर हाल में सभी पालन कराएं। अगर कोई राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने की कोशिश करे तो उसके खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई करें।

लोगों को करें जागरूक कैसे फहराएं ध्वज : जेसीपी कानून व्यवस्था ने मातहतों को निर्देश दिए कि वह लोगों को जागरूक करें कि राष्ट्रीय ध्वज कैसे फहराएं। उन्होंने कहा कि कागज के बने राष्ट्रीय झंडों को महत्वपूर्ण राष्ट्रीय, सांस्कृतिक और खेलकूद के अवसरों पर हाथ में लेकर हिलाया जा सकता है। समारोह पूरा होने के पश्चात ऐसे कागज के झंडों को न तो विकृत किया जाए और न ही जमीन पर फेंका जाए। ऐसे झंडों का निपटान उनकी मर्यादा के अनरूप एकांत में किया जाए।

राष्ट्रध्वज का अपमान करने वालों पर कार्रवाई :

  • भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का घोर अपमान या तिरस्कार करने पर। (तीन साल की कारावास, जुर्माना अथवा दोनों)।
  • किसी व्यक्ति या किसी वस्तु के अभिवादन में राष्ट्रीय ध्वज को झुकाना। (तीन साल की कारावास, जुर्माना अथवा दोनों)।
  • भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज को झुका हुआ फहराना। (तीन साल की कारावास, जुर्माना अथवा दोनों)।
  • सशस्त्र बलों या अन्य पैरा सैन्य बलों की अंत्येष्टियों के अलावा प्रयोग करना। (तीन साल की कारावास, जुर्माना अथवा दोनों)।
  • किसी व्यक्ति के कमर के नीचे पहनना। रुमालों, नैपकीनों में छपाई कराकर उपयोग करना। (तीन साल की कारावास, जुर्माना अथवा दोनों)।
  • किसी प्रतिमा, स्मारक, वक्ता की डैस्क या वक्ता के मंच को ढकने के लिए उपयोग करना। (तीन साल की कारावास, जुर्माना अथवा दोनों)।
  • किसी भवन को ढकने के लिए उपयोग करना। (तीन साल की कारावास, जुर्माना अथवा दोनों)।
  • राष्ट्रीय ध्वज के केसरिया रंग का नीचे को नीचे की ओर प्रदर्शित करना। (तीन साल की कारावास, जुर्माना अथवा दोनों)।

Edited By: Vrinda Srivastava