यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UP: बिजली निजीकरण के विरोध में उतरेंगे 16 किसान संगठन, 4 जून को जिला मुख्यालयों पर करेंगे प्रदर्शन
लखनऊ में बिजली कर्मचारियों के निजीकरण विरोधी आंदोलन को 16 किसान संगठनों का समर्थन मिला है। किसान संगठन 4 जून ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। निजीकरण के विरोध में चल रहे बिजली कर्मचारियों के आंदोलन को किसान संगठनों ने समर्थन दे दिया है। कर्मचारियों के समर्थन और बिजली के निजीकरण का विरोध जताने के लिए 16 किसान संगठन चार जून को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। संगठन ने रविवार को वर्चुअल बैठक कर ये ऐलान किया।
बैठक में क्रांतिकारी किसान यूनियन, किसान संग्राम समिति, किसान मजदूर परिषद, आल इंडिया किसान फेडरेशन, अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा, किसान एकता केन्द्र, किसान विकास मंच, क्रांतिकारी किसान मंच, भारतीय किसान संगठन, भाकियू श्रमिक जनशक्ति यूनियन, सोशलिस्ट किसान सभा, कृषि भूमि बचाओ मोर्चा, खेत मजदूर किसान संग्राम समिति और इंकलाबी मजदूर केंद्र के 30 नेता शामिल हुए।
निर्णय लिया गया कि जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन के दौरान डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम संयुक्त ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन में बिजली विभाग के दक्षिणांचल और पूर्वांचल के निजीकरण के निर्णय को वापस लेने, बिजली दरों में वृद्धि के प्रस्ताव और स्मार्ट मीटर योजना को रद करने और सभी को प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की मांग राज्य सरकार से की जाएगी।
किसान संगठन निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे आंदोलन का समर्थन करेंगें। किसान नेताओं का कहना था कि बिजली का निजीकरण जनता के किसी भी वर्ग के हित में नहीं है। बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा के एनसीसी सदस्य सत्यदेव पाल, एनसीसी सदस्य राजेन्द्र चौधरी आदि मौजूद रहे।
संघर्ष समिति ने निदेशक वित्त पर कार्रवाई की मांग
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने मांग की है कि पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के नाम पर हो रही अनियमितताओं और घोटालों पर ऊर्जा मंत्री को चुप्पी तोड़नी चाहिए और निदेशक वित्त पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। आंदोलन को दबाने के लिए कर्मचारियों और अभियंताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। यदि यह न रोका गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
