लखनऊ में शहीद विवेक सक्सेना के नाम पर बनेगी सड़क, स्मारक स्थल का भी होगा कायाकल्प
नगर निगम ने लखनऊ की कृष्णा लोक कॉलोनी में शहीद सहायक कमांडेंट विवेक सक्सेना के स्मारक स्थल के सौंदर्यीकरण का काम शुरू कर दिया है।

सरोजनी नगर के कृष्णा लोक कॉलोनी में शहीद कैप्टन विवेक सक्सेना के स्मारक स्थल और कॉलोनी का जायजा लेती नगर निगम की टीम
HighLights
शहीद विवेक सक्सेना स्मारक स्थल का सौंदर्यीकरण शुरू होगा।
शहीद के नाम पर नई सड़क का निर्माण किया जाएगा।
कॉलोनी में जल निकासी और सड़कों की समस्या सुधरेगी।
संवाद सूत्र, लखनऊ। दरोगाखेड़ा स्थित कृष्णा लोक कॉलोनी निवासी बीएसएफ के शहीद सहायक कमांडेंट विवेक सक्सेना के स्मारक स्थल के सौंदर्यीकरण की कवायद शुरू हो गई है। मंगलवार को नगर निगम के अधिकारियों ने शहीद के घर और स्मारक स्थल के आसपास पहुंचकर मौके का जायजा लिया। इस दौरान कालोनी में जर्जर रास्तों, जल निकासी की समस्या और जगह-जगह फैले कूड़े-कचरे की स्थिति भी देखी गई।
शहीद विवेक सक्सेना के भाई रंजीत सक्सेना ने बताया कि नगर निगम अधिकारियों ने स्मारक स्थल के सुंदरीकरण के साथ ही शहीद के घर तक उनके नाम से सड़क बनवाने की बात कही है। अधिकारियों ने आसपास की जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने और कूड़ा-कचरा हटाकर क्षेत्र को साफ रखने का भी आश्वासन दिया।
स्मारक स्थल के साथ आसपास मूलभूत सुविधाओं में होगा सुधार
स्थानीय लोगों के मुताबिक शहीद के स्मारक स्थल तक पहुंचने वाले रास्ते लंबे समय से बदहाल हैं। बारिश के दौरान जलभराव होने से आवागमन में भी परेशानी होती है। वहीं आसपास कूड़ा जमा होने से गंदगी की समस्या बनी रहती है।
नगर निगम अधिकारियों के मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने के बाद क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि शहीद के स्मारक स्थल के साथ आसपास की मूलभूत सुविधाओं में भी सुधार होगा। स्थानीय लोगों ने शहीद के नाम पर सड़क बनाए जाने के निर्णय का स्वागत किया है।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता शील श्रीवास्तव और सहायक अभियंता एके सिंह भी मौजूद रहे। अवर अभियंता दीक्षा ने बताया कि कॉलोनी में जल निकासी व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराया जाएगा।
जलभराव वाले स्थानों को चिह्नित कर वहां तत्काल पंपिंग सेट लगाए जाएंगे और पानी की निकासी कराई जाएगी। साथ ही स्थायी समाधान के लिए जल निकासी व्यवस्था को भी व्यवस्थित किया जाएगा, ताकि बारिश के दौरान दोबारा जलभराव की स्थिति न बने और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
