फसल के साथ सब्जी और फलों के उत्पादन पर प्रभाव डालेगी बेमौसम बारिश, बढ़ी किसानों की चिंता
बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने लखनऊ के सरोजनीनगर, मोहनलालगंज और बंथरा क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ...और पढ़ें
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HighLights
गेहूं के गिरने, दानों की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा।
सब्जियों में गलन और आम के बौर झड़ने की आशंका।
किसानों को आर्थिक नुकसान और कटाई में दिक्कत का डर।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने सरोजनीनगर, मोहनलालगंज और बंथरा क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। रबी की फसलें पककर तैयार हैं, ऐसे में मौसम की यह मार उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर खतरा बनकर सामने आई है।
गेहूं के गिरने, सब्जियों में गलन और आम की फसल में बौर झड़ने की आशंका से किसान परेशान हैं। कड़क के साथ हुई बारिश और तेज हवाओं ने खेतों में खड़ी फसलों को प्रभावित किया है। इस समय गेहूं की फसल कटाई के करीब है, लेकिन हवा और बारिश के कारण कई जगह फसल झुकने लगी है।
ग्राम नटकुर के किसान गोविंद का कहना है कि यदि बारिश जारी रही तो फसल गिरने से कटाई में दिक्कत आएगी और दानों की गुणवत्ता प्रभावित होगी। अधिक नमी के कारण दानों में अंकुरण का खतरा भी बढ़ गया है।
वहीं, किसानों विनोद और पवन सिंह ने बताया कि आलू और सब्जी की फसलों में पानी भरने से गलन की समस्या बढ़ रही है।
भारतीय किसान यूनियन भानू के प्रदेश प्रभारी ऋषि मिश्रा के अनुसार, इस मौसम का असर आम की फसल पर भी पड़ रहा है। इस समय आम के पेड़ों में बौर और छोटे फल लगे हैं, जो तेज हवा और बारिश से गिर सकते हैं। साथ ही नमी बढ़ने से फफूंद और कीट रोगों का खतरा भी बढ़ गया है।
हालांकि, कुछ किसानों का मानना है कि हल्की बारिश से अधपकी फसलों को थोड़ा लाभ भी मिला है। इससे दानों के भराव में मदद मिलती है और सिंचाई की जरूरत कम हो जाती है।
मोहनलालगंज क्षेत्र में भी मौसम के अचानक बदलने से किसान चिंतित नजर आए। राजाखेड़ा के किसान बल्लू कुमार ने बताया कि सुबह बादल देखकर चिंता बढ़ गई थी, लेकिन हल्की बारिश से फिलहाल कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। किसान राजाराम ने कहा कि अगर तेज बारिश या ओलावृष्टि होती है तो भारी नुकसान संभव है।
बंथरा क्षेत्र में भी किसानों ने आशंका जताई है कि यदि मौसम सामान्य नहीं हुआ तो गेहूं, चना, मटर और सरसों की फसल प्रभावित होगी। किसानों का कहना है कि फसल अच्छी तैयार है, लेकिन मौसम की बेरुखी उनकी उम्मीदों पर पानी फेर सकती है। कुल मिलाकर, यदि बारिश और तेज हवाएं जारी रहीं तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
