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लखनऊ में दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना: 35 हजार तक का अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया

Published: Tue, 11 Aug 2026 08:40 PM (IST)

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग लखनऊ द्वारा दिव्यांग व्यक्तियों से विवाह करने वालों के लिए प्रोत्साहन पुरस्कार योजना चलाई जा रही है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग चला रहा प्रोत्साहन योजना।

  2. विवाह पर 15 से 35 हजार रुपये तक अनुदान।

  3. पात्र दंपति ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से दिव्यांग व्यक्तियों से विवाह करने वालों के लिए प्रोत्साहन पुरस्कार योजना संचालित की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के साथ ही वर्ष 2025-26 में विवाह करने वाले पात्र दिव्यांग दंपति भी योजना का लाभ ले सकते हैं।

योजना के तहत युवक के दिव्यांग होने पर 15 हजार रुपये, युवती के दिव्यांग होने पर 20 हजार रुपये और पति-पत्नी दोनों के दिव्यांग होने पर 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी शशांक सिंह ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए विवाह के समय युवती की आयु 18 से 45 वर्ष और युवक की आयु 21 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

दंपति में कोई भी आयकरदाता नहीं होना चाहिए। साथ ही दिव्यांगता प्रमाण पत्र मुख्य चिकित्साधिकारी की ओर से जारी होना चाहिए, जिसमें दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक हो।

पात्र दंपति जन सहज केंद्र अथवा लोकवाणी केंद्र के माध्यम से विभागीय पोर्टल पर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आनलाइन आवेदन के बाद उसकी हार्ड कापी एक सप्ताह के भीतर जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय, लखनऊ में जमा करनी होगी।

'ऊंची आवाज नहीं, ऊंचे विचार इंसान को बड़ा बनाते हैं'

लखनऊ। जैन आचार्य वीहसंत सागर महाराज ने कहा कि बड़ा बनने के लिए ऊंची आवाज नहीं, बल्कि ऊंचे विचारों की आवश्यकता होती है। सम्मान उम्र से नहीं, बल्कि अच्छे व्यवहार, उत्तम संस्कारों और श्रेष्ठ कार्यों से प्राप्त होता है। व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसके कर्मों और आचरण से होती है।

आशियाना दिगंबर जैन मंदिर में मंगलवार को आयोजित धर्मसभा में महाराज ने श्रद्धालुओं को जीवन में विनम्रता, सदाचार और सेवा भावना अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपने विचारों को श्रेष्ठ बनाता है, वही समाज में सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त करता है।

आनंदमय पावन वर्षायोग समिति के अध्यक्ष चंदप्रकाश जैन ने बताया कि वीहसंत सागर महाराज का 43वां जन्म दिवस 12 अगस्त को मनाया जाएगा। यह कार्यक्रम फार्च्यून बैंक्वेट हाल कानपुर रोड में दोपहर एक बजे से आयोजित होगा।