लखनऊ, [निशांत यादव]। लखनऊ शहर में लविप्रा की बेशकीमती जमीन अब एक ट्रिलियन डालर इकोनोमी मिशन को साकार करेगी। एक ट्रिलियन डालर इकोनोमी के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण के भूमि बैंक में भावी निवेश की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। शासन के नियोजन विभाग की ओर से लविप्रा के भूमि बैंक और भावी प्रोजेक्टों को लेकर पिछले दिनों एक महत्वपूर्ण बैठक भी हुई थी।

बैठक में ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट से पहले बड़ी-बड़ी इंटरनेशनल कंपनियों के लिए भूमि की उपलब्धता को लेकर मंथन किया गया। नियोजन विभाग की कंसलटेंट एजेंसी से इसका रोडमैप तैयार करने का आदेश दिया गया। इस बार होने वाले इनवेस्टर्स समिट में एक ट्रिलियन डालर की इकोनोमी का रोडमैप तैयार होगा। इसके लिए नियोजन विभाग लखनऊ में अपार संभावनाएं तलाशेगा।

लविप्रा को भूमि बैंक बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसे देखते हुए अब लविप्रा उपलब्ध भूमि बैंक का डाटा नए सिरे से तैयार कर रहा है। जिन प्रोजेक्टों में बाधा आ रही है, उसे दूर करने के लिए युद्धस्तर पर तैयारी चल रही है। लविप्रा सुलतानपुर रोड पर अंसल और सहारा से छूटी हुई चार हजार एकड़ भूमि को अब स्वयं ही विकसित करने की तैयारी कर रहा है। मोहान रोड पर भी टाउनशिप के लिए जो 735 एकड़ से अधिक भूमि ओमेक्स को दी गई थी, उसके भविष्य को लेकर दोबारा प्रक्रिया तेज हो गई है।

लविप्रा ओमेक्स से यह भूमि वापस भी ले सकता है। पिछली बोर्ड बैठक में ओमेक्स को जमीन देने का प्रस्ताव पास किया गया था। इसका एग्रीमेेंट भी हो गया था, लेकिन अब कुछ अड़चन आने के बाद लविप्रा इस भूमि को वापस लेने की तैयारी कर रहा है। वहीं पिछले कई वर्षों से अटकी प्रबंधनगर योजना की बाधाओं को दूर करने की तैयारी भी लविप्रा कर रहा है। ग्रीन बेल्ट से जुड़ी कुछ आपत्तियां अगले माह तक दूर हो जाएंगी। इस तरह लविप्रा चार जगहों पर आठ हजार एकड़ भूमि का बैंक इनवेस्टर्स समिट से पहले ही तैयार करेगा।

एक ट्रिलियन डालर इकोनोमी के लिए लविप्रा के पास उपलब्ध भूमि बैंक को लेकर शासन में बैठक हुई है। लविप्रा इनवेस्टर्स समिट से पहले इसका खाका तैयार कर लेगा।  -डा. इंद्रमणि त्रिपाठी, उपाध्यक्ष लविप्रा

Edited By: Anurag Gupta

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