लखनऊ, जागरण संवाददाता। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नेशनल अर्बन प्लानिंग व मैनेजमेंट का दो दिवसीय कान्क्लेव शुरू हो गया। कान्क्लेव को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि शहर की अच्छी प्लानिंग के बिना शहरी विकास नहीं हो सकता है। वहां ईज आफ लिविंग सिटी होना चाहिए जिससे यहां रहने वाले लोगों को संघर्ष न करना पड़े।

इस दौरान मुख्य सचिव का जोर अर्बन प्लानिंग पर रहा। उन्होंने लोकल, जोनल प्लानिंग पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि बनारस का नक्शा बदल गया। बनारस अब प्राचीनतम और नवीनता का संगम है। 1998-1999 में कानपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी की वीसी थी। कानपुर प्रदेश का औद्योगिक शहर है। मैनचेस्टर का गौरव खो दिया।आज डिफेंस कारिडोर आ रहा है। वहां अच्छी क्वालिटी आफ लाइफ चाहिए। इसके लिए क्वालिटी डेवलपमेन्ट होना चाहिए।

देश मे आठ साल से तेजी से ट्रांसफार्मेशन हो रहा है। हमारा प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाउसिंग फार आल, स्वछता मिशन, अर्बन डेवलपमेन्ट, स्मार्ट सिटी सारे ईज आफ डूइंग बिजनेस में तेजी से काम कर रहा। हमारी इकानमी 240 से 245 बिलियन डालर है। अगले पांच साल में एक ट्रिलियन डालर करना है। दुनिया मे देखें तो यूपी छठा सबसे बड़ा देश है।

एक ट्रिलियन डालर इकानमी को प्राप्त करने के लिए हर सेक्टर का विकास करना होगा। अर्बन सेक्टर पर बड़ी जिम्मेदारी है। आज सबसे ज्यादा छह एक्सप्रेस वे यूपी में हैं। सात पर काम चल रहा है। आज तीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। तेजी से और नए एयरपोर्ट बन रहे हैं। पांच शहरों में मेट्रो है। आप 2025 तक ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट से दिल्ली से मेरठ 45 मिनट में पहुंचेंगे।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि विकास का धरातल तैयार है। अब उस पर उड़ान भरने को तैयार है। दुनिया का अनुभव कहता है अर्बन से ही इकानमी विकास हो सकता है। आज प्रदेश में 750 से ज्यादा सिटी अर्बन एरिया घोषित हो चुके हैं। जब तक आप एक अच्छा प्लान नही बनाएंगे तब तक अच्छा अर्बन डेवलप नहीं हो सकता है। शहरों को स्वच्छ रखना है तो अच्छा अर्बन प्लानिंग होना चाहिए।

आज शहर जाम के साथ प्रदूषित है। हम क्लीन और ग्रीन स्मार्ट सिटी बना सकते हैं। आज हमारे स्ट्रीट वेंडर अतिक्रमण कर रहे हैं, उनको प्लानिंग के साथ व्यवस्थित करने की जरूरत है। उनके बिना हम नहीं रह सकते हैं। पीएम ने सेंटर विस्टा के श्रमजीवी को सम्मान दिया। आज कोई यूनिवर्सिटी बनती है वहां एक स्लम पैदा हो जाता है। उनकी क्षमता नहीं है। छोटे स्तर के ले आउट प्लान के बारे में सोचने की आवश्यकता है।

लोकल एरिया प्लान जो मौजूदा शहर है उसका रिडेवलपमेंट हो। ले आउट प्लान में क्या नया करें। आज टाउन प्लानर 50 साल पुराने माडल पर है। एक सेक्टर यहां तो दूसरा कहीं और। एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए प्रदूषण फैला रहे। आज एक ही जगह सब कुछ होना चाहिए। कहीं जाना है तो मास रैपिड ट्रांसपोर्ट की जरूरत है।  वाराणसी में रोप वे पर काम हो रहा है। सिटी ईज आफ लिविंग हो।

कानपुर, लखनऊ और वाराणसी सहित प्रदेश के सभी शहर 2047 में कैसे होंगे, इसका विजन बनना चाहिए। इसमें शहर के हर वर्ग को जोड़ना होगा। हर शहर में पानी, सीवर स्मार्ट हो जाये इस पर सोचना होगा। अपने फंड सिस्टम को ऐसा बना सकते हैं जिससे खुद फंड विकसित हो सकते हैं। हम भूमि की उपयोगिता से अपना वित्त बना सकते हैं। बांड ला सकते हैं।

देश के 463 शहरों का क्रेडिट रेटिंग किया गया। अर्बन बांड जारी करने के लिए क्रेडिट रेटिंग ए प्लस और ए डबल प्लस कर सकते हैं। लैंड वैल्यू कैप्चर पर काम कर सकते हैं। आउट सोर्सिंग से अर्बन प्लान कर सकते हैं। लखनऊ मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथारिटी में अर्बन प्लानिंग, अर्बन फाइनेंस से लोगों का जीवन आसान होगा।

Edited By: Vrinda Srivastava