लखनऊ, जागरण संवाददाता। डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में अगले छह महीनों में एडवांस न्यूरो साइंस सेंटर की सौगात मिल सकती है। इसके अलावा बच्चों के अलग-अलग विकारों के बेहतर इलाज के लिए पीडियाट्रिक विभाग का विस्तार भी किया जाएगा। लोहिया संस्थान का दूसरा स्थापना दिवस समारोह शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित किया जा रहा है।

संस्थान की निदेशक प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने बताया कि संस्थान में अस्पताल ब्लाक को विस्थापित कर एक हजार बेड के विस्तार की योजना भी है। इसमें 250 बेडों की इमरजेंसी भी संचालित होगी। लोहिया संस्थान के स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विशिष्ट अतिथि कुलाधिपति और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल होंगी।

इनके अलावा उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, चिकित्सा शिक्षा स्वास्थ्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा, चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार भी उपस्थित होंगे। कार्यक्रम में नारायणा हेल्थ ग्रुप आफ अस्पताल के संस्थापक और प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ पद्मभूषण डा. देवी प्रसाद शेट्टी भी उपस्थित होंगे।

लोहिया संस्थान प्रदेश का पहला ऐसा संस्थान है जहां पर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग एनएमसी से स्नातकोत्तर की 66 सीटों की स्वीकृति मिली है। स्थापना दिवस के मौके पर एमबीबीएस के लगभग 45 छात्र छात्राओं को अलग-अलग विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित भी किया जाएगा। प्रो. सोनिया ने बताया कि बच्चों के लिए पीडियाट्रिक आर्थोपेडिक्स, पीडियाट्रिक नेत्र रोग विभाग, गैस्ट्रोलाजी और हीपैटोलाजी के विभाग शुरू किए जाएंगे।

इन विभागों के शुरू होने से बच्चों के गंभीर विकारों को समय पर इलाज मिल सकेगा। संस्थान में अम्नियोसेंटेसिस जांच हो रही है। इससे गर्भस्थ शिशु के आनुवंशिक विकारों का पता चल सकता है। इसके अलावा सिर और गले के कैंसर की क्लीनिक और गठिया विभाग जैसे कई अन्य विभागों को शुरू करने का प्रस्ताव हमने शासन को भेजा है।

इस अवसर पर आईआईटी कानपुर और लोहिया संस्थान के बीच डिजिटल हेल्थ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बीच के ऊपर एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर होंगे। इसके जरिए डिजिटल माध्यम से बड़ी संख्या के मरीजों की बीमारी का पता एक बार में ही लगाया जा सकेगा ताकि इलाज भी समय से शुरू हो सके।

Edited By: Vrinda Srivastava