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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lucknow : घुसपैठियों के लिए की जा रही थी बड़ी साजिश, ATS ने किया पर्दाफाश- यह बनाया था मास्टर प्लान

Published: Tue, 09 Jan 2024 09:44 PM (IST)

ATS in Lucknow एटीएस ने बंगाल निवासी अबू सालेह को सोमवार को लखनऊ से गिरफ्तार किया था। उसकी एनजीओ हरोआ-अल-जमियातुल ...और पढ़ें

Lucknow : घुसपैठियों के लिए की जा रही थी बड़ी साजिश, ATS ने किया पर्दाफाश- यह बनाया था मास्टर प्लान
Lucknow : घुसपैठियों के लिए की जा रही थी बड़ी साजिश, ATS ने किया पर्दाफाश- यह बनाया था मास्टर प्लान

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : यूपीएटीएस ने बांग्लादेशियों व रोहिंग्या की घुसपैठ व आर्थिक मदद के लिए हो रही विदेशी फंडिंग की तह तक पहुंचने के लिए कई बैंक खातों व दिल्ली की कुछ एनजीओ की छानबीन शुरू की है। विदेशी फंडिंग की रकम को उप्र के अलावा बिहार, दिल्ली, कर्नाटक व अन्य राज्यों में सिंडीकेट के सदस्यों को भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

अलग-अलग राज्यों में पहुंचाई जा रही रकम

हवाला कारोबारियों की मदद से भी बड़ी रकम अलग-अलग राज्यों में पहुंचाई जा रही थी। एटीएस की विशेष कोर्ट ने एक दिन पूर्व पकड़े गए एनजीओ संचालक अबू सालेह मंडल की सात दिनों की पुलिस रिमांड स्वीकृत की है।

एटीएस ने बंगाल निवासी अबू सालेह को सोमवार को लखनऊ से गिरफ्तार किया था। उसकी एनजीओ हरोआ-अल-जमियातुल इस्लामिया दारुल उलूम मदरसा तथा कबीरबाग मिल्लत एकेडमी के एफसीआरए खातों में उम्मा वेलफेयर ट्रस्ट, यूके द्वारा 2018 से 2022 के बीच लगभग 58 करोड़ रुपये भेजे गए थे।

बनाई गईं थी फर्जी कंपनियां

इनमें अधिकांश रकम घुसपैठियों की मदद में खर्च की गई थी। एटीएस अब अबू सालेह से यह जानकारी जुटाने का प्रयास भी करेगा कि किन-किन राज्यों में कितनी रकम भेजी गई थी। सिंडीकेट से जुड़े अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास होगा। उसके साथी अब्दुल गाजी की तलाश भी की जा रही है।

अब्दुल की मदद से कई फर्जी कंपनियां बनाई गई थीं। एटीएस ने 11 अक्टूबर, 2023 को बांग्लादेश निवासी आदिलुर्रहमान के अलावा बंगाल निवासी नजीबुल शेख व अबु हुरायरा गाजी को गिरफ्तार किया था।

इसके बाद उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बंगाल व अन्य राज्यों में बांग्लादेशी नागरिकों व रो¨हग्या की घुसपैठ कराने वाले सिंडीकेट सामने आया था। अबू सालेह के संपर्क में रहे देवबंद (सहारनपुर) निवासी कुछ संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।