लखनऊ। रेल प्रशासन यात्रियों की सुविधाओं व सुरक्षा इंतजाम में सुधार के लाख दावे करे लेकिन हकीकत में ये खरे नहीं उतर रहे। इसकी बानगी बीती रात औड़िहार से रवाना हुई जौनपुर-शाहगंज पैसेंजर ट्रेन में देखने को मिली। लगभग 11.15 बजे औड़िहार से रवाना हुई इस ट्रेन की एक बोगी में पाच सशस्त्र बदमाश सवार हुए। उन्होंने तमंचे से आतंकित कर यात्रियों से जमकर लूटपाट की। उसके बाद सादात हुरमुजपुर हाल्ट स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही उतर कर भाग गए।

पीड़ित यात्रियों में शामिल तीन महिलाएं गाजीपुर के जखनिया स्टेशन पर उतरीं। उन्होंने आज तड़के बताया कि बदमाशों ने आधा दर्जन अन्य यात्रियों के पास के सामान व आभूषण छीन लिए। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान बदमाशों ने दु‌र्व्यवहार भी किया। बचाव का कोई रास्ता न देख यात्रियों ने भी चुप्पी साधे रखने में ही भलाई समझी। महिलाओं के अनुसार बदमाश एक लाख रुपये से अधिक का सामान व आभूषण लूट ले गए। इस संबंध में मऊ जीआरपी पुलिस चौकी से बजरिये दूरभाष संपर्क करने पर जवाब मिला कि उनके यहा लूटपाट की कोई सूचना नहीं है।

औड़िहार-मऊ रेल खंड पर शाम ढलने के बाद चलने वाली ट्रेनों में सफर करना हमेशा असुरक्षित रहता है। कारण कि इन ट्रेनों में जीआरपी अथवा आरपीएफ के जवान नहीं होते हैं। इस रेल खंड पर यात्रा करने वालों ने कई बार ट्रेनों में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम की माग उठाई लेकिन संबंधित अधिकारियों ने उसे अनसुना कर दिया।