लखनऊ, जेएनएन। 2019 के चुनाव की अधिसूचना का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। सभी की निगाहें मुख्य चुनाव आयोग की ओर टिकी हैं। इस बीच आयोग की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यूपी में उड़नदस्ता टीम, स्टैटिक टीम, एमसीसी व वीडियो टीमों का प्रशिक्षण पूरा होने को है। सभी टीमों का कार्य विभाजन हो चुका है। निर्वाचन के दौरान अवैध नकदी के आदान-प्रदान, शराब वितरण व अन्य संदेहास्पद वस्तु का पता लगाने का पूरा इंतजाम है। ध्यान रहे कि मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने के हालात का जायजा लेकर पांच मार्च रात दिल्ली लौट आए। अन्य राज्यों के हालात से आयोग पहले ही वाकिफ है। अब अगले 4 से पांच दिनों में अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है। सब कुछ ठीक रहा तो यह तारीख 11 मार्च हो सकती है।

विपक्ष ने उठाया आयोग पर सवाल

उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल अपने चुनावी तालमेल को अंतिम रूप देने में लगे हैं। दूसरी ओर पीएम नरेंद्र मोदी लगातार प्रचार करने के साथ हजारों करोड़ रुपये की योजनाओं का उद्घाटन कर रहे हैं। आठ म्रार्च को यूपी के कई जिलों में उनके कार्यक्रम हैं। हालांकि इसको लेकर विपक्ष ने चुनाव आयोग पर ही सवाल उठा दिए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता रनदीप सिंह सुरजेवाला ने चुनाव आयोग पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है। विपक्ष आरोप है कि ऐसा लग रहा जैसे आख़िरी मिनट तक सरकारी पैसे का उपयोग करने के लिए आयोग सरकार को छूट दे रहा है।

चुनाव में अधिसूचना जारी होने में देर

पिछले कुछ चुनावों में भी अधिसूचना जारी करने को लेकर आयोग लगातार विपक्षी दलों के निशाने पर रहा है। 2018 में पांच राज्यों के चुनाव में अधिसूचना जारी होने में देरी से खासतौर से कांग्रेस पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधती रही है। उल्लेखनीय है कि 2014 में लोकसभा चुनाव 7 अप्रैल से 12 मई के बीच कुल 9 चरणों में कराए गए थे। 16 मई को चुनावी नतीजे घोषित हुए थे, जिसमें मोदी सरकार ने प्रचंड जीत दर्ज की थी। पिछले चुनाव में अधिसूचना 5 मार्च को जारी की गई थी जो 7 अप्रैल को होने वाले पहले मतदान से 25 दिन पहले था। 2009 के लोकसभा चुनाव 16 अप्रैल से 13 मई के बीच पांच चरणों में हुए थे।

अंतिम चरण में आयोग की तैयारियां 

इस बीच यूपी में चुनाव कराने के लिए प्रशिक्षण चल रहा है। लोकसभा चुनाव में किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। स्टैटिक टीमों का गठन कर ट्रेनिंग शुरू है। आयोग के निर्देशों का कैसे और किस हद तक पालन करने का तरीका सुझाया जा रहा है। उड़नदस्ता टीम, स्टैटिक निगरानी टीम, आदर्श आचार संहिता टीम व वीडियो निगरानी टीमों का प्रशिक्षण शुरू यूपी के सभी जिलों में जारी है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौबीस घंटे निगरानी के लिए उड़नदस्ता टीम, स्टैटिक टीम और एमसीसी व वीडियो टीमें लगाई गईं हैं। 

 

Posted By: Nawal Mishra

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