लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का गढ़ माने जाने वाले रामपुर तथा आजमगढ़ में लोकसभा के उप चुनाव में शानदार जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता, कार्यकर्ता तथा प्रत्याशी जश्न मना रहे हैं तो विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया भी बेहद जुदा है। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी घनश्याम सिंह लोधी ने रामपुर के उप चुनाव में जीत दर्ज की। 2019 में अखिलेश यादव के खिलाफ आजमगढ़ में लोकसभा का चुनाव हारे भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी दिनेश लाल यादव निरहुआ ने कड़े संघर्ष में समाजवादी पार्टी के धर्मेन्द्र यादव को शिकस्त दी।

आजमगढ़ में तीसरे स्थान पर रहे बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने कहा कि मैं अपनी हार स्वीकार करता हूं। गुड्डू जमाली कई चक्र की मतगणना में तो दूसरे स्थान पर पहुंचे और पूर्व सांसद धर्मेन्द्र यादव को तीसरे स्थान पर भी खिसकना पड़ा। गुड्डू जमाली ने कहा कि हमारी पार्टी प्रमुख मायावती ने जो कुछ भी संभव था वो किया। मैं लोगों के फैसले को स्वीकार करता हूं। हमारा संदेश जनता तक नहीं पहुंच सका और हमारे प्रयासों में कुछ कमी रह गई। उन्होंने कहा कि हम तो आजमगढ़ के निवासी है, हम तो इन्हीं लोगों के बीच में ही रहेंगे। हम आजमगढ़ से ही 2024 में फिर से लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि अब देखना है कि यहां पर बाहर से कौन आता है।

लोकसभा उपचुनाव में रामपुर से पराजित प्रत्याशी समाजवादी पार्टी के आसिम राजा ने बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रामपुर में तो इस बार चुनावों को हथिया लिया गया। सपा के कद्दावर नेता आजम खां के बेहद करीबी दस वर्ष से रामपुर में समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष आसिम राजा ने कहा कि लोगों को मतदान तक नहीं करने दिया। यहां पर जहां 600 मत डाले जाने थे वहां पर सिर्फ चार वोट डाले गए। जहां 500 वोट डाले जाने थे वहां नौ वोट डाले गए। हम तो हैरान है कि यहां पर लोग चुनाव के लिए इतने उदासीन नहीं हैं।  

Edited By: Dharmendra Pandey