लखनऊ [राज्य ब्यूरो]।Lockdown 5.0 : कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन के चार चरण बिता चुकी जनता को लॉकडाउन के पांचवें चरण का सामना भी करना होगा। हालांकि, केंद्र से राज्य स्तर तक चल रहे मंथन से इशारा मिल रहा है कि पांचवें चरण में जनता के लिए बंदिशें पहले से कुछ और ढीली हो सकती हैं। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार तो संदेश पहुंचा चुकी है कि यूपी में बड़ी संख्या में प्रवासियों की वापसी के चलते हालात चुनौतीपूर्ण भले हों, लेकिन हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। 

उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण ने जिस तेजी से पैर पसारे हैं, उसी रफ्तार से उससे निपटने के प्रबंध भी मजबूत हुए हैं। कोरोना संक्रमण के बाद ठीक होकर घर पहुंच रहे मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भी लॉकडाउन में चरण दर चरण ढील देती चली गई। अब पांचवें चरण यानी लॉकडाउन-5 के लिए कसरत शुरू हो चुकी है।

गुरुवार को केंद्र सरकार की ओर से कैबिनेट सचिव ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी भी उसमें शामिल हुए। सूत्रों ने बताया कि सभी राज्यों ने अपनी स्थिति की जानकारी दी। उत्तर प्रदेश की स्थिति काफी बेहतर बताई गई।

यह भी चर्चा हुई कि यूपी में महाराष्ट्र, दिल्ली आदि राज्यों से लौटे श्रमिक-कामगारों की वजह से चुनौती बढ़ी है लेकिन, यहां स्वास्थ्य सुविधाएं, क्वारंटाइन सेंटर आदि की व्यवस्था भी उसी हिसाब से की गई है। ऐसे में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। इससे माना जा रहा है कि 31 मई को लॉकडाउन का चौथा चरण पूरा होने के बाद पांचवें चरण को लागू करने में यूपी सरकार राहत भी बढ़ा सकती है।

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण के हालात की समीक्षा की है। उन्हेंं बता दिया गया कि उत्तरप्रदेश में व्यवस्थाएं बेहतर और स्थिति नियंत्रण में है। लॉकडाउन-5 के संबंध में जो भी दिशा-निर्देश केंद्र से जारी होंगे, उसके आधार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश की गाइडलाइन तैयार की जाएगी।

Posted By: Umesh Tiwari

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