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लखनऊ: 4 साल से फरार LDA संपत्ति फर्जीवाड़े का आरोपित गिरफ्तार, पुलिस से बचने के लिए कर रहा था ये काम

Published: Thu, 03 Sep 2026 05:14 PM (IST)

लखनऊ में एलडीए संपत्ति फर्जीवाड़े का चार साल से फरार आरोपित सचिन सिंह गिरफ्तार हो गया है। वह ललितपुर में ...और पढ़ें

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HighLights

  1. एलडीए संपत्ति फर्जीवाड़े का आरोपित सचिन सिंह गिरफ्तार।

  2. चार साल से फरार था, ललितपुर में कर रहा था मत्स्य पालन।

  3. लखनऊ में ईओडब्ल्यू ने तकनीकी साक्ष्यों से दबोचा।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। एलडीए की संपत्ति के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे बेचने वाले गिरोह के चार साल से फरार चल रहे आरोपित को क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने गिरफ्तार किया है। आरोपित सचिन सिंह पुलिस की कार्रवाई की भनक लगने के बाद लखनऊ से फरार हो गया था।

वर्तमान में वह ललितपुर में डैम का ठेका लेकर मत्स्य पालन का कारोबार कर रहा था। तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस कर एक सितंबर को छोटा भरवारा स्थित इंडियन आयल पेट्रोल पंप के पास से उसे दबोच लिया।

डीसीपी क्राइम अनिल यादव ने बताया कि गोमतीनगर थाने में वर्ष 2022 में दर्ज मुकदमे की विवेचना में सचिन सिंह की भूमिका सामने आई थी। मामला विराजखंड स्थित एलडीए के भूखंड संख्या 2/81 से जुड़ा है। 1250 वर्गफीट के इस भूखंड के फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर पहले उसे शिवानी रस्तोगी के नाम दर्शाया गया। इसके बाद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संपत्ति वैष्णवी सोनी को बेच दी गई।

होटल जेएमडी इन का करता था संचालन 

बाद में वैष्णवी ने यही संपत्ति 35 लाख रुपये में रंजना देवी को बेच दी। पुलिस के मुताबिक संपत्ति बिक्री की रकम वैष्णवी सोनी के बैंक खाते में पहुंची थी। इस रकम में से लाभांश का एक हिस्सा सचिन सिंह के बैंक खाते में भी आया और उसने उसका इस्तेमाल किया। इसी बैंक लेनदेन और विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने उसे आपराधिक षड्यंत्र में शामिल पाया था। जांच में यह भी सामने आया कि सचिन सिंह विभूतिखंड स्थित होटल जेएमडी इन का संचालन करता था।

पुलिस के मुताबिक इसी होटल में सह आरोपितों के साथ एलडीए संपत्तियों से संबंधित फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उन्हें बेचने की योजना बनाई जाती थी। पुलिस की कार्रवाई की भनक लगने के बाद वह फरार हो गया था और करीब चार साल तक गिरफ्तारी से बचता रहा। इस मामले में कुल पांच आरोपितों की भूमिका सामने आई है। इनमें तीन आरोपित गिरफ्तार होकर न्यायालय में आरोपपत्र भेजे जा चुके हैं, जबकि एक की मृत्यु हो चुकी है।

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सचिन की गिरफ्तारी के बाद मामले में शेष वांछित आरोपित भी पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। सचिन के खिलाफ नाका हिंडोला में नकली भारतीय करेंसी से संबंधित मुकदमा और विभूतिखंड थाने में धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज है। एडीसीपी क्राइम किरण यादव ने कहा कि एलडीए संपत्तियों में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।