लखनऊ, जागरण संवाददाता। लखनऊ विकास प्राधिकरण (लविप्रा) ने अपने उन सभी सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग फिर से शुरू कर दी है, जिनकी लीज तीन साल बाद खत्म हुई है। अप्रैल से जुलाई के बीच होने वाले सहालग के लिए अब आवेदनकर्ताओं को प्राधिकरण जाकर बुकिंग करानी होगी। जोन एक अभियंत्रण के अधिशासी अभियंता के अंतर्गत स्टाफ से आवेदनकर्ता बुकिंग की जानकारी ले सकते हैं। इसके लिए राजेश श्रीवास्तव व एपी द्विवेदी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, विवेक खंड, विराट खंड, विनम्र खंड सहित कई सामुदायिक केंद्र को खाली कराने की प्रकिया भी एलडीए ने पूरी करके कब्जे में लेना शुरू कर दिया है। अब तक संचालन करने वाली कार्यदायी संस्थाओं से जमा की हुई धनराशि की रसीदें मांगी जा रही हैं। जिससे लीज पर दिए गए सामुदायिक केंद्रों की कुल धनराशि का मिलान हो सके। 

अधिशासी अभियंता अवनींद्र कुमार सिंह ने बताया कि 34 से लेकर 75 लाख तक कार्यदायी संस्थाओं पर बकाया है। उसकी वसूली के लिए प्राधिकरण कार्यदायी संस्थाओं से बात करेगा और बकाया धनराशि जमा करवाएगा। ऐसा न करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी कर सकता है प्राधिकरण। इसके लिए ब्योरा जुटाने का काम भी लविप्रा ने शुरू कर दिया है। सिंह के मुताबिक कार्यदायी संस्थाओं द्वारा अगर धनराशि जमा नहीं की जाती है, तो उनके द्वारा जमा की गई धनराशि को जब्त करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं आचार संहिता हटते ही नए सिरे से टेंडर की प्रकिया लविप्रा शुरू कराएगा, तब तक लविप्रा ही गोमती नगर, जानकीपुरम स्थित सामुदायिक केंद्रों का संचालन करेगा। इसके लिए जोन एक के अंतर्गत आने वाले अभियंताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि किराए की समस्त जानकारी लविप्रा की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

नई टेंडर प्रक्रिया पूरी होने तक लखनऊ विकास प्राधिकरण सामुदायिक केंद्रों का संचालन खुद करेगा। -अक्षय त्रिपाठी, उपाध्यक्ष, लखनऊ विकास प्राधिकरण

Edited By: Vikas Mishra