जागरण संवाददाता, लखनऊ : एलडीए में रेंट संपत्तियों के निस्तारण को लेकर लगाए गए कैंप में मंगलवार दोपहर अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई। यहां एक आवंटी हमीर अहमद ने एलडीए के बाबू वारिस पर आरोप लगाया कि उसने उनके भवन की रजिस्ट्री एक लाख रुपये के लिए रोक रखी है। जिसके बाद ओएसडी ने बाबू और आवंटी का आमना-सामना करवाया। बाबू ने फाइल पर हाथ रख कर कसम खाई कि उसने घूस नहीं मांगी। जबकि आवंटी अपनी बात पर अड़ा रहा। जिसके बाद में ओएसडी ने बाबू को कड़ी फटकार लगा कर तत्काल आवंटी की रजिस्ट्री करने की हिदायत दी। ऐसा न करने पर कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा।

रेंट के कैंप के दौरान बालागंज, आजाद नगर के भवन ए-100 में कब्जेदार हमीर अहमद पहुंचे। ये भवन करीब 450 वर्ग फीट का है। वैसे हमीर अहमद का भी इस भवन के मालिकाना हक को लेकर विवाद चल रहा है। जिसमें एलडीए उपाध्यक्ष प्रभु एन सिंह ने हमीर के पक्ष में निबंधन करने का आदेश अधिकारियों को दिया था। मगर लंबे समय से रजिस्ट्री न होने पर वे ओएसडी राजीव कुमार के सामने अपनी पीड़ा लेकर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि बाबू वारिस एक लाख रुपये घूस मांग रहा है। रकम न मिलने के चलते उनका निबंधन अटकाया जा रहा है। जिसके बाद राजीव कुमार ने वारिस को कैंप में तलब किया। दोनों का आमना-सामना करवाया गया। वारिस ने पहले तो हमीर को पहचानने से इंकार कर दिया मगर बाद में कहा कि वे ये प्रापर्टी डीलर के चक्कर में पड़े हैं। मैंने इनसे कोई घूस नहीं ली। राजीव कुमार ने उनसे पूछा कि अगर घूस नहीं ली तो रजिस्ट्री क्यों नहीं करवा रहे। इस बात का वारिस ने कोई जवाब नहीं दिया। जिसके बाद राजीव कुमार ने आदेश दिया कि तत्काल हमीर की रजिस्ट्री करवाओ वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहो।

Posted By: Jagran