माल, जेएनएन : क्षेत्र के किसान का फर्जी पुत्र बनकर जालसाजों ने जमीन बेच डाली। मामल के जानकारी होने पर किसान ने नि संतान होने का दावा कर उच्चाधिकारियों से फरियाद की है।

क्षेत्र के भवानी खेड़ा गाव में जिल्ला उर्फ जिल्लू की मौत के बाद उनकी जमीन राजस्व अभिलेखों में उनके वारिस पुत्र पच्चा के नाम दर्ज हो गई थी। इस पर वह खेती कर रहे थे। पच्चा के मुताबिक उनकी शादी के पाच वर्ष होने के बाद भी कोई संतान नहीं हुई। इस कारण उनकी पत्नी राजपती उन्हें छोड़कर अपने बहनोई बाराबंकी के गंगौली निवासी बहनोई रूपचंद्र के घर चली गई थी। पीड़ित किसान पच्चा का आरोप है कि उसके पिता जिल्ला उर्फ जिल्लू ने अपने जीवन मे कोई वसीयत नहीं कि थी। मगर रामगोपाल पुत्र रूपचंद ने उसके पिता जिल्ला की मौत के बाद एक गैर पंजीकृत कूटरचित वसीयत तैयार कर खुद को पच्चा का पुत्र दिखा कर कमालपुर लोधौरा लगभग 2.1670 हेक्टेयर जमीन का अपने नाम दाखिल खारिज करा लिया। इसकी जानकारी होने पर पच्चा ने न्यायालय में वाद दायर कर दिया। वाद दायर की बात प्रकाश में आने पर राम गोपाल ने राजधानी के जानकीपुरम स्थित सेक्टर सी निवासी राम अक्षयवर पाडेय नाम उक्त भूमि का बैनामा कर दिया। पच्चा ने बैनामा होने की जानकारी मिलने पर उपजिलाधिकारी के यहा शिकायत दर्ज कराई है।

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