लखनऊ, जेएनएन। लखनऊ विकास प्राधिकरण मेट्रो को सीजी सिटी में 14 पॉकेट में जमीन उपलब्ध कराएगा। सोमवार को मुख्य सचिव की अगुवाई में हुई बैठक में इसका आदेश हो गया। जमीन के पॉकेट तीन से दस एकड़ के होंगे। जमीन मिलने के बाद इसकी उपयोगिता के आधार पर मेट्रो अपना राजस्व बढ़ाने के लिए इसका उपयोग कमर्शियल व घरेलू उपयोग करेगा। इस जमीन से हर माह करोड़ों रुपये राजस्व कमाने के लिए मेट्रो पूरी योजना बनाएगा। इसके लिए बकायदा एक कंसल्टेंट रखा जाएगा। 

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) सीजी सिटी में जमीन के लिए पिछले कई सालों से प्रयास कर रहा था। मुख्य सचिव के यहां से हरी झंडी न मिलने के कारण मामला लटका था। अब 86.5 एकड़ जमीन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। मेट्रो सूत्रों ने बताया कि मुख्य सचिव ने बैठक में निर्देश दिए हैं कि लखनऊ विकास प्राधिकरण अपनी ओर से देख ले कि जमीन स्थानांतरित करने में कोई आयकर का दायरा तो नहीं है। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जमीन स्थानांतरित कर दी जाए। अब मेट्रो अफसरों को उम्मीद है कि मिनट्स जारी होने के बाद जमीन का प्रस्ताव कैबिनेट अप्रूवल के लिए भेजा जाएगा। 

सीपीआरओ पद पर फिर से होगी भर्ती 

यूपीएमआरसी ने सीपीआरओ पद पर 12 फरवरी को हुए साक्षात्कार को निरस्त कर दिया है। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने बताया कि सीपीआरओ पद के लिए उपयुक्त अफसर न मिलने के कारण यह कदम उठाना पड़ा। मेट्रो फिर से रिक्तियां निकालेगा। 

 

Posted By: Anurag Gupta

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