लखनऊ, जेएनएन। हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ हुई हैवानियत के बाद ‘आधी आबादी’ की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। खासकर वे परिवार चिंतित हैं, जिनकी महिलाएं-बेटियां रोजाना घर से बाहर निकलती हैं। नौकरी जाती हैं, पढ़ने के लिए दूर स्कूल-कॉलेज तक का सफर करती हैं। दिन के अलावा रात और देर शाम घर के बाहर आना-जाना मजबूरी है। यही कारण है, निर्भया के बाद जिस तरह हैदराबाद में इंसानियत तार-तार हुई, उससे एक बार फिर कानून कठघरे में है। सुरक्षा के जिम्मेदार निशाने पर है। सवाल उठ रहे हैं-पाक्सो कानून से भी हालात नहीं सुधरे तो हल क्या है..? बेशक, स्थितियों पर नए सिरे से सोचने की जरूरत है मगर फौरी जवाब यही है-सावधानी और अपनी सुरक्षा अपने हाथ। घर से बाहर निकलकर संकट में फंसने पर मां-बेटियां क्या करें, किससे मदद मांगे, दैनिक जागरण यही बता रहा है-बेझिझक बनें, डर को मात दें और मदद के लिए इन नंबरों पर तुरंत करें बात..।

एप के जरिए भी लें मुसीबत में मदद

भारत सरकार ने इमरजेंसी रेस्पांस सपोर्ट सिस्टम ऐप लांच किया है। इस सिस्टम को पैनिक बटन भी कहते हैं। सभी मोबाइल फोन में अनिवार्य रूप से लोड होने के आदेश हैं। आप गूगल प्ले स्टोर से भी डाउनलोड कर सकती हैं। विशेष परिस्थिति में बटन दबाकर तत्काल मदद प्राप्त कर सकती हैं। इसका इस्तेमाल पावर बटन को तीन बार दबा कर सकती हैं।

बड़े काम की 1090 

शिकायतकर्ता से बात महिला कर्मचारी ही करती है। समाधान न होने तक उसका फॉलोअप किया जाता है। महिलाओं की पहचान गोपनीय रखी जाती है। उन्हें थाने पर नहीं बुलाया जाता है।

मिर्ची स्प्रे भी रखें साथ

बाजार में कई तरह के स्प्रे उपलब्ध हैं। इसमें कुछ ऐसे हैं कि अगर आपने सामने वाले पर प्रयोग किया तो उसके हाथ-पांव कुछ देर के लिए काम नहीं करेंगे। इसमें केमिकल और काली मिर्च स्प्रे भी हैं।

15-30 मिनट तक इलेक्टिक गन से मिलेगा मौका

महिलाओं के लिए इलेक्टिक गन बाजार में उपलब्ध हैं। यह गन बिजली का तेज करंट मारती है और सामने वाला 15 से 30 मिनट तक जमीन पर निष्क्रिय रहेगा। इससे आपको खुद को बचाने के लिए कुछ समय मिल जाएगा। इस दौरान आप पुलिस और घर वालों को मदद के लिए फोन कर पाएंगी।

यह होंगे फायदे 

  • इमरजेंसी में 112 या यूपी 100 पर फोन करने पर न केवल आपकी गुहार पहुंचेगी बल्कि बल्कि पुलिस को लोकेशन भी मिल जाएगी
  • छेड़छाड़, घूरने अथवा किसी के पीछा करने की स्थिति में वीमेन पॉवर लाइन 1090 बनती है मददगार
  • महिला सम्मान प्रकोष्ठ को सिर्फ घर के बार संकट में नहीं बल्कि कानूनी सलाह के लिए भी फोन करें
  • एंटी रोमियो स्क्वॉड भी आपकी मदद के लिए अलग-अलग इलाकों में भ्रमणशील है।
  • राजधानी की महिला थाना इंस्पेक्टर भी लोगों के लिए हर समय उपलब्ध रहती हैं, कभी भी कॉल करें

ये भी जानें 

  • 06 से अधिक हेल्प लाइन नंबर महिलाओं की सुरक्षा के लिए
  • 1090 पर 24 घंटे में इमरजेंसी पर कभी करें कॉल
  • 112 अथवा यूपी 100 भी आपके साथ
  • 9454403860 पर महिला थाने की इंस्पेक्टर से मांगे मदद
  • 2288869 पर मेट्रो में मुश्किल हल होगी
  • 9454401149 नंबर पर महिला सम्मान प्रकोष्ठ को पुकारें
  • विकल्प पोर्टल पर ऑनलाइन करें शिकायत

Posted By: Divyansh Rastogi

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