लखनऊ, जेएनएन। ज्ञानदात्री मां सरस्वती के पूजन का उत्सव वसंत पंचमी हर साल माघ शुक्ल पंचमी के दिन मनाया जाता है। इस दिन विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है। भारत ही नहीं बल्कि पड़ोसी देश नेपाल और बांग्लादेश में भी इस दिन को बड़े ही उल्लास के साथ मनाते हैं। कुछ लोग यह उत्‍सव 29 जनवरी को भी मनाएंगे, लेकिन 30 जनवरी को पूजन करना श्रेयस्कर होगा। नजाकत, नफासत और तहजीब के शहर में वसंतोत्सव का उल्लास नजर आएगा। स्कूलों में जहां पूजन होगा तो मंदिरों में यज्ञोपवती जैसे संस्कार भी होंगे।

खेतों में खिले सरसों के फूल जहां इसके आने की आहट दे रहे हैं तो दूसरी ओर यज्ञोपवीत संस्कारों की तैयारियां भी हो चुकी हैं। प्रहलाद के स्वरूप अरंड की डाल को भी होलिका दहन के स्थान पर स्थापित किया जाएगा। कैंट के छावनी व कालीबड़ी मंदिर सहित कई स्थानों पर बंगाली समाज की ओर से पूजा होगी।

मां सरस्वती की पूजा और मुहूर्त…

आचार्य अनुज पांडेय ने बताया कि कुछ लोग 29 जनवरी को भी मनाएंगे, लेकिन 30 जनवरी को पूजन करना श्रेयस्कर होगा। पंचमी 29 जनवरी को सुबह 10:45 बजे से शुरू होगी और 30 को दोपहर 1:19 तक रहेगा। ऐसे में उदया तिथि का मान 30 को मिल रहा है,  जबकि शादी विवाह 29 की रात में होंगे। ब्राह्मण परिवार की ओर से कानपुर रोड के अवस्थी लॉन में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना होगी। परिवार के अध्यक्ष शिवशंकर अवस्थी ने बताया कि सुबह संगीत के बीच मां सरस्वती की वंदना होगी। बंगलाबाजार के चंद्रिका देवी धाम में विशेष पूजन होगा। महानगर रामलीला मैदान और आलमबाग के मुंडाबीर मंदिर परिसर में सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार होंगे।

शहर में जगह-जगह धार्मिक आयोजन 

निरालानगर के रामकृष्ण मठ में सरस्वती पूजा पर धार्मिक आयोजन होंगे। भातखंडे संगीत सम विवि में वसंत पंचमी पर सुबह से सुजान सभागार में पूजन होगा। संगीत शिक्षक डा. कमलेश दुबे ने बताया कि कार्यक्रम सुबह 10 बजे शुरू होगा। न्यू हैदराबाद स्थित उप्र संस्कृत संस्थान, गोमतीनगर के राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान सहित कई स्थानों पर वसंत पर आयोजन होंगे। मां सरस्वती के पूजन के इस पर्व पर स्कूलों में भी आयोजन होंगे। रेलवे इंटर कॉलेज आलमबाग में जहां मां सरस्वती की पूजा होगी तो टेक्निकल इंटर कॉलेज में बच्चों के लिए वसंत पर संगोष्ठी की जाएगी। कृष्णानगर के न्यू पब्लिक इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य ममता श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चों मां सरस्वती के पूजन के साथ बच्चों को उनकी महिमा के बारे में बताया जाएगा। इसी दिन गली-मुहल्लों और चौराहों पर होलिका दहन के लिए अरंड की डाल बैठाई जाएगी। इसी दिन से होलिका को बढ़ाने का कार्य शुरू हो जाता है।

सफेद मिष्ठान चढ़ाना होगा श्रेयस्कर

आचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि इस दिन शादी विवाह के शुभ मुहूर्त भी है। इसलिए शादियां भी होंगी। मां सरस्वती को सफेद मिष्ठान चढ़ाना श्रेयस्कर होगा। पीले वस्त्र और पुष्प अर्पित कर मां वागेश्वरी से सद्बुद्धि का आशीर्वाद मांगना चाहिए। इस दिन घरों में पीले-केसरिया रंग के खाद्यान्न चखने से विशेष कृपा मिलती है। श्री दुर्गा जी मंदिर धर्म जागरण एवं सेवा समिति की ओर से 59 वें कल्याण मंडप का आयोजन होगा।

ये है शुभ मुहूर्त : 

  • वसंत पंचमी सरस्वती पूजा मुहूर्त – सुबह 10:45 से 12:34 दोपहर 
  • अवधि : एक घंटा 49 मिनट्स
  • वसन्त पंचमी मध्याह्न का क्षण : दोपहर 12:34 बजे
  • पंचमी तिथि प्रारम्भ : जनवरी 29, 2020 को सुबह 10:45 बजे
  • पंचमी तिथि समाप्त : जनवरी 30, 2020 को दोपहर 01:19 बजे

क्यों खास है वसंत पंचमी? 

यह दिन किसी भी नए व शुभ काम की शुरुआत करने के लिए बेहद ही शुभ माना गया है। इस दिन शुभ कार्यों के लिए अबूझ मुहूर्त होता है। ये दिन मां सरस्वती के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसलिए स्कूलों में भी इस दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है और विभिन्न तरह के प्रोग्राम आयोजित किये जाते हैं। वहीं, विद्यार्थी इस दिन अपनी किताब कॉपी और पढ़ने वाली वस्तुओं की पूजा करते हैं। इसी दिन शिशुओं को पहला अक्षर लिखना सिखाया जाता है। विद्या का आरंभ करने के लिए ये दिन सबसे शुभ माना गया है।

 

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