अंबेडकरनगर [रणविजय यादव] । अंबेडकरनगर के आलापुर तहसील स्थित औरांव गांव पर इन दिनों 'किरकेटÓ का बुखार चढ़ा हुआ है। इसका कारण भारत-साउथ अफ्रीका के बीच चल रही टेस्ट श्रृंखला नहीं बल्कि, 18 अक्टूबर को रिलीज हो रही बॉलीवुड फिल्म है। 'किरकेटÓ में इस गांव के लाल अजय उपाध्याय ने अपनी 'गुगलीÓ का कमाल दिखाया है। 

लेग स्पिनर की भूमिका निभा रहे अजय दर्शकों का कितना प्यार पाएंगे, यह तो भविष्य के गर्भ में है, लेकिन इलाके में इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। संघर्षों से इस मुकाम तक पहुंचे अजय कहते हैं कि खुद पर विश्वास हो तो मंजिल मिलती जरूर है। अजय बताते हैं कि पिता रामनवल उपाध्याय आर्मी के जवान थे। वह वकील बनाना चाहते थे। इसके लिए पढ़ाई करने आजमगढ़ भेज दिया। वहां कॉलेज के प्रोग्राम में अभिनय करके लोगों के प्रिय बना। पढ़ाई खत्म करने के बाद दिल्ली जाकर थिएटर में किस्मत आजमाया। कुछ सीखा और अभिनय निखारा। इसके बाद सपनों की नगरी मुंबई पहुंचा। एक अवसर मिला तो फिर आगे ही बढ़ता गया। 

दूध बेचने से थिएटर तक का सफर

अजय ने बताया प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। दिल्ली में थिएटर करने के दौरान खर्च चलाने के लिए सुबह दूध बेचता था। गोपालजी मिल्क फूड में सुपरवाइजर का काम भी किया। मन तो अभिनय में लगा था, इसलिए एक दिन एक हजार रुपये लेकर मुंबई में पहुंच गया। रेलवे स्टेशन पर रात गुजारने के बाद सुबह ऑडिशन के लिए स्टूडियो के चक्कर लगाता था। एक स्टूडियो में काम मिला। तबसे अबतक एक दर्जन से अधिक फिल्मों में कार्य किया है।  

Posted By: Anurag Gupta

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