लखनऊ, जितेंद्र उपाध्याय। गांधी की खादी और देश के पहले प्रधानमंत्री पं.जवाहर लाल नेहरू की सिल्क खादी का समन्वय एक बार फिर खादी के शौकीनों को अपनी ओर खींचेगा। रेशम निदेशालय के सहयोग से पहली बार उप्र खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 16 से 30 अक्टूबर के बीच खादी-सिल्क महोत्सव का आयोजन करने जा रहा है। अपनी तरह के इस पहले आयोजन को लेकर दुकानदार भी उत्साहित हैं। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी एलके नाग ने बताया कि 205 स्टालों वाले महोत्सव में सिल्क और खादी के साथ ही ग्रामोद्योग के उत्पाद नजर आएंगे। दीपावली के चलते महोत्सव आम लोगों के लिए भी खास होगा। छूट के साथ ही गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

माटी कला को मिलेगी उड़ान: माटी कला को जीवंत करने और उनकी कला को प्राेत्साहन देने के लिए महोत्सव में खास इंतजाम किए जा रहे हैं। मिट़्टी और गोबर की बनी प्रतिमाएं, गमले और दीपक लोगों को अपनी ओर खींचेंगे। देसी गाय के गोबर से बने छोटे से बड़े आकार के दिए, हवन उपला और धूपबत्ती महोत्सव में आकर्षण का केंद्र होंगे। महोत्सव मेें लखनऊ समेत गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, आजमगढ़, मिर्जापुर, चंदौली, उन्‍नाव, कुशीनगर, आगरा व प्रतापगढ़ समेत कई जिलों के खादी ग्रामोद्योग से जुड़ीं संस्थाएं हिस्सा लेंंगी।

बच्चों ने पेश किए रंगारंग कार्यक्रम: चारबाग के बाल संग्रहालय मैदान में चल रही खादी प्रदर्शनी का शनिवार को समापन हो गया। दया करुणा फाउंडेशन की अध्यक्ष दीप्ति जेटली) के संयोजन में बच्चों ने नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया। मां दुर्गा के रूप में प्रियंका पांडेय ने नृत्य किया तो साथियों ने दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रदर्शन किया। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की सह संयोजक राखी सिंह मुख्य अतिथि शामिल हुईं। अंतिम दिन खरीदारों की भीड़ लगी रही।

Edited By: Rafiya Naz