लखनऊ, जेएनएन। अगर आपको सेहतमंद जीवन जीना है तो पौष्टिक भोजन व व्यायाम के साथ-साथ परोपकारी भी बनना होगा। जब आप किसी की मदद के बारे में सोचते और उसे करते हैं तो आपके शरीर से अच्छे हार्मोन का स्राव होता है और मानसिक तौर पर आप काफी सुकून महसूस करते हैं। अच्छे स्वास्थ के लिए मानसिक रूप से भी स्वस्थ होना जरूरी है। यह विचार केजीएमयू के कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने व्यक्त किए। उन्होंने सोमवार को दैनिक जागरण कार्यालय में आयोजित जागरण विमर्श कार्यक्रम में स्वस्थ जीवन शैली विषय पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी। कहा, आजकल ज्यादातर लोग जीवन शैली से जुड़ी बीमारियों से ग्रस्त हैं और यह तनाव, गुस्सा व घृणा के भाव मन में आने से होती है। ऐसे में मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए ममता, करुणा का भाव अपने भीतर पैदा करें।

प्रो.एमएलबी भट्ट ने कहा कि भारतीय जीवन शैली से हम जैसे-जैसे दूर हुए बीमारियां हमें घेरने लगी। आज 60 प्रतिशत बीमारियां अनियमित जीवन शैली के कारण होती हैं। मोटा अनाज जिन्हें गरीब अपना दुर्भाग्य समझते हैं वह असल में हम सबकी सेहत के लिए सौभाग्य का काम करता है। ऐसे में ज्वार, बाजरा, चना आदि मोटे आनाज का सेवन अधिक करें। मौसमी फल व सब्जियां खाएं। प्रतिदिन चौबीस घंटे में कम से कम दस हजार कदम यानी आठ किलोमीटर जरूर चलें। सुबह उठकर मार्निंग वॉक से लेकर रात में सोने तक एक्टिव रहें और दस हजार कदम चलें। जिम में वेंटीलेशन नहीं होता। ऐसे में खुले मैदान में योगासन व प्राणायाम करें। छह से आठ घंटे की नींद जरूरी है। रात में दस बजे से लेकर सुबह चार बजे के बीच की नींद सबसे उत्तम होती है। विटामिन डी के लिए साल में 40 दिन, 40 मिनट आप शरीर का 40 प्रतिशत हिस्सा खोलकर धूप में बैठें।

सूर्यास्त के बाद भोजन करने से करें परहेज

केजीएमयू कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने बताया कि सूर्योदय के ढ़ाई घंटे के भीतर नाश्ता करें। इसमें आप मिठाई, रबड़ी सबकुछ ले सकते हैं। यह थोड़ा हैवी होगा तो भी चलेगा। इसके बाद दोपहर का भोजन हल्का होना चाहिए इसमें दही व मट्ठा ले सकते हैं। दो भोजन के बीच में कम से कम तीन घंटे का अंतर होना चाहिए और सूर्यास्त के बाद कोशिश करें कि 40 मिनट के भीतर भोजन कर लें। अगर नहीं हो पा रहा है तो जितना जल्दी हो खाना खाएं। यह बहुत हल्का होना चाहिए। इसके डेढ़ घंटे बाद आप दूध ले सकते हैं। दो भोजन के बीच कम से कम तीन घंटे का अंतराल होना चाहिए। छह घंटे से ज्यादा आप भूखे न रहें।

विरुद्ध आहार के बारे में भी जानें

आपको किस चीज के साथ क्या नहीं खाना है यह भी पता होना चाहिए। ऐसे में खाना खाने के साथ कच्चे फल या सब्जी न लें, खाने से पहले कभी सलाद न खाएं, वजन घटाने के लिए नींबू व शहद गर्म पानी में न पिएं, दूध के साथ कभी केला न खाएं, शहद को गरम दूध के साथ न ले, मट्ठा व दूध साथ-साथ न लें, दूध से बना कोई भी पदार्थ नमक के साथ न खाएं। यानी पनीर की सब्जी सेहत के लिए अच्छी नहीं है।

सेहत के तीन सफेद दुश्मनों को पहचाने

तीन सफेद दुश्मनों हैं यह सफेद चीनी, नमक और मैदा है। आप सफेद नमक की जगह सेंधा नमक, काला नमक प्रयोग में लाएं। इससे ब्लड प्रेशर की दिक्कत नहीं होगी।

धूमपान के सेवन से दस साल कम होती है उम्र

इंग्लैंड में वर्ष 1940 से लेकर 1990 तक धूमपान करने वाले व न करने वालों पर सबसे लंबा शोध हुआ। इसमें निष्कर्ष निकला कि जो लोग तंबाकू का सेवन करते हैं या धूमपान करते हैं उनकी जिंदगी दस साल कम हो जाती है।

Posted By: Anurag Gupta

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