KGMU की नर्सिंग स्टूडेंट की मौत पर छात्रों में आक्रोश, डीन के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर बैठे छात्र
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के छात्र बीएससी नर्सिंग छात्रा दिव्यांशी यादव की मौत के मामले में डीन के इस्तीफे की मांग को लेकर दोबारा धरने पर बैठ गए हैं।

डीन के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर बैठे छात्र।
HighLights
केजीएमयू छात्र दिव्यांशी यादव की मौत पर डीन के इस्तीफे की मांग।
छात्रों ने आंतरिक समिति पर अविश्वास जताया, बाहरी जांच की मांग।
दिव्यांशी के परिजनों ने मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की अपील।
जागरण संवाददाता, लखनऊ: किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) की बीएससी नर्सिंग (2025 बैच) की छात्रा दिव्यांशी यादव की मौत मामले सोमवार सुबह दोबारा नर्सिंग कालेज परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। छात्र डीन के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
साथ ही, मांग है कि केजीएमयू की ओर से बनाई गई आंतरिक 5-सदस्यीय समिति पर अविश्वास जताते हुए मांग की गई है कि जांच समिति में केजीएमयू से बाहर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और स्वतंत्र चिकित्सा विशेषज्ञों को शामिल किया जाए।
19 सितंबर को इलाज के दौरान दिव्यांशी की मौत हो गई थी। इसके विरोध में 21 और 22 सितंबर को नर्सिंग के छात्र-छात्राओं ने व्यापक प्रदर्शन किया था। इस दौरान प्रिंसिपल सूचना ने इस्तीफा दिया था, लेकिन अभी तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया।
साथ ही, कुलपति ने जांच कर कार्रवाई करने के लिए तीन दिन का समय मांगा था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। ऐसे छात्र दोबारा धरने पर बैठ गए हैं।
छात्रों का आरोप है कि तेज बुखार और डेंगू की स्थिति के बावजूद दिव्यांशी को मेडिकल लीव नहीं दी गई और अटेंडेंस कम होने के भय से उसे ड्यूटी व कालेज आने पर मजबूर होना पड़ा।

मृतिका के परिजन ने मुख्यमंत्री से की निष्पक्ष जांच की मांग
डेंगू से हुई छात्रा की मौत पर परिजन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही, केजीएमयू प्रशासन की कथित संवेदनहीनता और अटेंडेंस के दबाव का आरोप लगाया है।
