लखनऊ, जेएनएन। अभी मरीजों को आपरेशन के समय खून मिलने में दिक्कत होती है। अगर किसी तरह खून मिल गया तो उसे स्टोर करने में मुसीबत सामने आती है। क्योंकि आपरेशन के समय अगर जरूरत से कम खून प्रयोग हुआ तो बाकी खून ज्यादातर स्टोर न हो पाने के कारण खराब हो जाता है। मगर केजीएमयू के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग ने मरीजों को बड़ी राहत दी है। उसने टाइप एंड मैच प्रोग्राम विभागों के सहयोग से शुरू किया है। इसमें डॉक्टर मरीज को आपरेशन की तारीख देते समय पर्चे पर 'रुटीन' शब्द लिख देगा। इसके बाद मरीज को व्यवस्थित ढंग से खून उपलब्ध करवाया जाएगा।

केजीएमयू के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की अध्यक्ष डॉ. तूलिका चंद्रा ने बताया कि डॉक्टर द्वारा मरीज के पर्चे पर रुटीन शब्द लिखकर यहां भेजा जाएगा। ऐसे में मरीज जितने यूनिट खून की जरूरत होगी उसके लिए वह यहां अपना सैंपल देगा और डोनर के माध्यम से खून लेने की प्रक्रिया पूरी करेगा। यहां उसके ब्लड ग्रुप की जांच करके उस ब्लड ग्रुप का खून जितने यूनिट डॉक्टर ने लिखा है वह तैयार रहेगा और उसे एक पर्ची मिल जाएगी। इस पर्ची के माध्यम से वह आपरेशन वाले दिन ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग से अपना खून ले सकेगा।

मान लीजिए उसका चार यूनिट खून यहां पर रखा है और आपरेशन के समय डॉक्टर दो यूनिट खून ही मांगते हैं तो उसे दो यूनिट खून दे दिया जाएगा बाकी खून यहीं सुरक्षित रहेगा। उसका खून खराब नहीं होगा। अब तक पांच विभाग जोड़े जा चुके हैं इसमें स्त्री एवं प्रसूति रोग, न्यूरोलॉजी, आंकोलॉजी, सर्जरी विभाग शामिल हैं।

Posted By: Anurag Gupta