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KGMU लव जिहाद मामला : 15 से अधिक हिंदू लड़कियों से संपर्क में था रमीजुद्दीन, मोबाइल से खुला राज, पुलिस ने बढ़ाया इनाम

By Ayushman PandeyEdited By: Shiv Govind Mishraa
Published: Tue, 06 Jan 2026 06:43 AM (IST)

केजीएमयू के फरार जूनियर रेजिडेंट डॉ. रमीजुद्दीन नायक के मोबाइल डेटा से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पता चला है ...और पढ़ें

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आयुष्मान पांडेय, लखनऊ। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाने और मतांतरण के गंभीर आरोपों में फरार जूनियर रेजिडेंट डा. रमीजुद्दीन नायक के मोबाइल फोन के डाटा की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पता चला है कि उसने सुनियोजित तरीके से केजीएमयू ही नहीं अन्य शहरों में भी हिंदू लड़कियों को फंसाकर मतांतरण का दबाव बना रहा था। एक-दो नहीं 15 से अधिक हिंदू लड़कियां उसके संपर्क में थीं।

केजीएमयू के अलावा आगरा, नोएडा और अन्य कई जिलों की लड़कियों के रमीजुद्दीन से करीबी संबंध थे, जिन पर वह मतांतरण के लिए दबाव बना रहा था। पुलिस ने उस पर घोषित 25 हजार के इनाम को बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है। उसके माता-पिता को भी मंतातरण की साजिश में गिरफ्तार किया गया है।उपायुक्त (डीसीपी) पश्चिमी विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि रमीजुद्दीन का नेटवर्क केजीएमयू में ही नहीं दूसरे शहरों में भी है।

उसके माता-पिता को रमीजुद्दीन के कारनामों की जानकारी थी। इंस्पेक्टर चौक नागेश उपाध्याय ने बताया कि ये लोग मूल रूप से उत्तराखंड के उधमसिंह नगर के खटीमा सुभाष नगर के रहने वाले हैं और लखनऊ में शीश तालाब स्थित मुमताज कोर्ट अपार्टमेंट में रहते हैं। पिता सलीमुद्दीन केवल बीएससी पास है और चौक क्षेत्र में क्लीनिक चलाता था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि डाक्टर के मोबाइल और वाट्सएप डाटा की जांच में अहम जानकारियां हाथ लगी हैं। पहले लड़कियों से दोस्ती करता और फिर धीरे-धीरे धार्मिक बातों को लेकर उकसाता था।

क्या कहते हैं पुलिस सूत्र?

पुलिस सूत्रों का यह भी कहना है कि रमीजुद्दीन के टार्गेट पर छात्राएं ही नहीं प्रोफेसर भी थीं। उसने केजीएमयू की एक महिला प्रोफेसर को भी जाल में फंसा रखा था। नोएडा में काम करने वाली एक लड़की ने पुलिस को बताया है कि वर्ष 2012 में रमीजुद्दीन ने उसे नशीली दवा पिलाकर दुष्कर्म किया और वीडियो बना लिया। वीडियो प्रसारित करने के नाम पर लगातार उसका शोषण कर रहा था।

लड़की का दावा है कि डाक्टर ने उसकी तरह ही चार और लड़कियों से संबंध बनाकर ब्लैकमेल किया। केजीएमयू परिसर में महिला डाक्टर से दुष्कर्म, वीडियो बनाकर प्रसारित करने और मतांतरण के दबाव का मामला सामने आने के बाद से ही रमीजुद्दीन फरार है। पुलिस अब उसकी संपत्ति की कुर्की की तैयारी में है। उत्तराखंड और लखनऊ में स्थित उसकी संपत्तियों को चिह्नित कर लिया गया है।

विवेचक ने सोमवार को न्यायालय में बीएनएस की धारा 82 के तहत नोटिस की तामील करवा दी है। यदि तय समय सीमा में आरोपित अदालत में पेश नहीं होता है, तो उसकी संपत्तियों की कुर्की की जाएगी। पुलिस का कहना है कि धारा 82 की नोटिस तामील के बाद अब कुर्की की कार्रवाई से उस पर दबाव और बढ़ेगा।