लखनऊ, जेएनएन। दिनभर निर्जलाव्रत रखकर देर शाम छतों पर रंगोली बनाकर चांद के दीदार का इंतजार कर रहीं सुहागिनों का चांद दिखते ही इंतजार खत्म हुआ। राजधानी में चंद्रोदय के निर्धारित समय 8:01 बजे से दो घंटे पहले से ही पूजन शुरू हो गया। चांद के दीदार होते ही एक ओर जहां उगते चांद को चलनी में देख, जल से भरे करवे से अर्घ्य दिया। चलनी में दीपक रखकर चांद की आरती उतारी जा रही थी तो दूसरी ओर अर्घ्य देकर मंगलकामना की जा रही थी। पटाखों के शोर के बीच पतियों ने जल ग्रहण कराकर व्रत का पारण कराया।

 

 सुबह से ही सुहागिनें निर्जल व्रत रहीं और शाम ढलने के साथ ही पूजा की तैयारियों में जुट गईं। दोपहर बाद पूजा की तैयारियां शुरू हुई तो साथ ही सजने संवरने का दौर भी शुरू हो गया। सोलह श्रृंगार किएण् महिलाएं चांद उगने से पहले ही छतों पर जा पहुंची और पूजा स्थल की साफ-सफाई में जुट गई। चंद्रोदय के इंतजार के बीच शाम 5:21 से 6:39 के बीच शुभ मुहूर्त में करवा माई के चित्र का पूजन किया। सभी ने कथा सुनी और अखंड सौभाग्य की कामना की। मिठाई, चावल के आंटे, चूरे व बताशे का भोग लगाया।चांद्रोदय से करीब 20 मिनट बाद चांद का पूरा दीदार हुआ। आचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि चौथ का चांद चंद्रोदय के बाद ही नजर आता है। गोमतीनगर इंदिरानगर के अलावा मकामेश्वर मंदिर में महंत देव्या गिरि के सानिध्य में पूजन किया गया। घर की छतों और खुले मैदान में चौथ माई की पूजा-अर्चना कर कथा सुनी और चंद्रोदय को अर्घ्य देकर चंद्रदेव व अपने चांद स्वरूप पति का चलनी से दीदार किया और पति की दीर्घायु की मंगलकामना की। इसके बाद पति और बुजुर्गों से आशीर्वाद लेकर विधि विधान से व्रत का पारण किया। चंद्र दर्शन के दौरान छतों पर दीपोत्सव का नजारा आम रहा। पटाखाें की आवाज के बीच पूजन का समापन हुआ। 

 

वृद्धाश्रम में सामूहिक करवा चौथ

सरोजनीनगर स्थित राजकीय वृद्धाश्रम में सामूहिक करवा चौथ का पूजन हुआ। 60 साल की लता गर्ग,कृष्णा तिवारी व उर्मिला के अलावा 68 साल की गीता और 65 साल की लता गर्ग ने विधि विधान से पूजन किया। जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ.अमरनाथ यती की ओर से सभी को पूजन की सामग्री उपलब्ध कराई गई थी। परिसर में उत्सव का माहौल बनाकर अपनों से दूर रहने वाले सभी बुजुर्गों को अपने पन का एहसास किया।

 

नारी बंदी निकेतन में हुई सौभाग्य की कामना

एक ओर जहां महिलाएं पति के साथ दांद का दीदार कर रही थी तो कई मोबाइल फोन और लैपटाॅप के मध्यम से पति को देख रही थीं। इससे इतर नारी बंदी निकेतन की चहारदीवारी के बीच 228 सुहागिन महिला बंदी चांद को देखकर पति की लंबी उम्र की कामना कर रही थीं। नारी बंदी नेिकेतन में 232 महिलाएं निरुद्ध हैं जिनमें से 228 विवाहित और चार अविवाहित हैं। 200 को आजीवन कारावास  है तो 32 महिलाओं को 10 साल सजा है। पूजन से पूरे परिसर मेें उत्सव का माहौल  छा  गया।

 

Edited By: Anurag Gupta