कानपुर-कबरई हाईवे के लिए 25 गांवों की जमीन का अधिग्रहण, किसानों को मिलेगा सर्किल रेट से 4 गुना मुआवजा
कानपुर-कबरई हाईवे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसमें कानपुर के 25 गांवों की 125 हेक्टेयर जमीन शामिल है।

कानपुर-कबरई हाईवे के लिए 25 गांवों की जमीन का 125 करोड़ मुआवजा तय।
HighLights
कानपुर-कबरई हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू।
25 गांवों की 125 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होगा।
किसानों को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मिलेगा।
जागरण संवाददाता, कानपुर। बुंदेलखंड की राह आसान बनाने वाले कानपुर-कबरई हाईवे के निर्माण की दिशा में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिले की दो तहसीलों के 25 गांवों की करीब 125 हेक्टेयर जमीन के लिए लगभग 125 करोड़ रुपये मुआवजा निर्धारित किया गया है।
भूमि अध्याप्ति विभाग ने जमीन अधिग्रहण के लिए मुआवजे की राशि तय करने का नोटिफिकेशन जारी कर कर दिया है। इन गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया नवंबर माह के अंत तक शुरू हो जाएगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के कानपुर-कबरई सेक्शन को चार और छह लेन के एक्सेस कंट्रोल हाईवे के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके लिए कानपुर नगर, हमीरपुर और महोबा के कुल 93 गांवों की 1139 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इसमें कानपुर नगर के 49 गांवों की 387 हेक्टेयर, हमीरपुर के 35 गांवों की 500 हेक्टेयर और महोबा के नौ गांवों की 252 हेक्टेयर जमीन शामिल है।
कानपुर नगर में पहले चरण में 25 गांवों की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भूमि अध्यापित विभाग ने शुरू कर दी है। भूमि अधिग्रहण के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को रिपोर्ट भेजकर सर्किल रेट से चार गुणा मुआवजा देने की मांग की गई है।
विभाग ने संबंधित गांवों की भूमि का मूल्यांकन कर मुआवजे का अवार्ड जारी किया है। इससे प्रभावित किसानों को जमीन के बदले मिलने वाली मुआवजा राशि का निर्धारण आगे बढ़ सकेगा।
सदर के 16 और घाटमपुर के नौ गांव शामिल
कानपुर नगर में जिन 25 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जानी है, उनमें सदर तहसील के 16 और घाटमपुर तहसील के नौ गांव शामिल हैं। विभाग ने इन गांवों की भूमि अधिग्रहण के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। प्रस्तावित अधिग्रहण से संबंधित किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत मुआवजा दिया जाएगा।
परियोजना के लिए शेष गांवों में भी भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगी। पहले चरण में शामिल गांवों में हरबंसपुर, सरगांव, चकारम, सिरोमनपुर, कठारा, जमरेही, शिवरामपुर, जहानपुर, विधनू, संचितपुर, सुक्खापुर, जैतीपुर, मढ़ा, बीबीपुर, रामपुर, ककरहिया, मुईया, छापा और हकीमपुर समेत अन्य गांव शामिल हैं।
साढ़े तीन घंटे का सफर डेढ़ घंटे में होगा तय
नौबस्ता से हमीरपुर और महोबा की ओर जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-34 बुंदेलखंड के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। मौजूदा मार्ग पर यातायात का दबाव और हादसों का खतरा लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। प्रस्तावित हाईवे कानपुर के रमईपुर में रिंग रोड के पास मगरासा से शुरू होकर कबरई के बधवा गांव तक बनाया जाएगा। आगे यह बांदा-सागर हाईवे और भोपाल-मुंबई कॉरिडोर से मध्य प्रदेश के छतरपुर में जुड़ेगा।
करीब 7145.14 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना में 117.70 किलोमीटर ग्रीनफील्ड कारिडोर रूप में विकसित होगी। इसमें 16 बड़े पुल, एक रेलवे ओवरब्रिज और दोनों ओर 12 किलोमीटर सर्विस रोड का निर्माण प्रस्तावित है। परियोजना पूरी होने के बाद कानपुर से कबरई तक की यात्रा में लगने वाला समय मौजूदा साढ़े तीन घंटे से घटकर लगभग डेढ़ घंटे में पूरा होगा।
सदर और घाटमपुर तहसील के 25 गांव में 125 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण और मुआवजा राशि का अवार्ड जारी कर दिया गया है। अब निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में एनएचएआई को रिपोर्ट भेजकर मुआवजा वितरण की धनराशि मांगी गई है। -आनंद मोहन उपाध्याय, एडीएम, भूमि अध्याप्ति विभाग।
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