लखनऊ, जेएनएन। हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या कर फरार दोनों आरोपित शेख अशफाक हुसैन व पठान मोईनुद्दीन अहमद पर डीजीपी ओपी सिंह ने ढाई-ढाई लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। अब तक पुलिस दोनों हत्यारों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। कमलेश हत्याकांड की छानबीन में जिस तरह वारदात के पीछे गहरी साजिश सामने आ रही है, उससे घटना में किसी आतंकी संगठन की भूमिका होने की आशंका भी बढ़ती जा रही है।

डीजीपी का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं पर एसआइटी जांच कर रही है और किसी भी संभावना को नकारा नहीं जा सकता है। गुजरात, हरियाणा, अंबाला व उत्तर प्रदेश सभी जगहों के मॉड्यूल देखे जा रहे हैं। कर्नाटक, महाराष्ट्र व अन्य राज्यों की पुलिस से संपर्क कर हर छोटी से छोटी जानकारी जुटाई जा रही है। हत्या में नामजद आरोपित बिजनौर के दोनों मौलानाओं से भी कई बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस आरोपितों के हर कनेक्शन की गहनता से छानबीन कर रही है। डीजीपी का दावा है कि पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं, जिनकी मदद से जल्द फरार हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पुलिस को सूचना मिली थी कि कमलेश तिवारी हत्याकांड में फरार मुख्य आरोपित शेख अश्फाकुल हुसैन और मोइनुद्दीन पठान शाहजंहापुर में देखे गए। इस सूचना पर शाहजहांपुर पुलिस के साथ एसटीएफ व एसआइटी ने वहां कई जगह पर छापा मारा है। कमलेश तिवारी हत्याकांड के संदिग्ध हत्यारे शाहजहांपुर में देखे जाने की सूचना पर एसटीएफ ने होटलों और मदरसों के मुसाफिरखानो में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इसके साथ ही गेस्ट हाउस को भी खंगाला गया। पुलिस को यहां पर सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध दिखाई दिए हैं। फिलहाल एसटीएफ की टीम शाहजहांपुर में डेरा जमाए हुए है।

माना जा रहा है कि कमलेश तिवारी हत्या के संदिग्ध हत्यारे लखीमपुर जिले के पलिया से इनोवा गाड़ी बुक करा कर शाहजहांपुर पहुंचे थे। संदिग्धों की शाहजहांपुर में लोकेशन मिलने पर एसटीएफ ने तड़के चार बजे कई होटलों, मदरसों और मुसाफिरखाना में ताबड़तोड़ छापेमारी की। रेलवे स्टेशन पर होटल पैराडाइस में लगे कैमरे की सीसीटीवी फुटेज में दोनों संदिग्ध हत्यारे दिखाई दिए हैं। दोनों संदिग्धों ने रेलवे स्टेशन पर इनोवा गाड़ी छोड़ दी और पैदल रोडवेज बस स्टैंड की तरफ जाते हुए दिखाई दिए हैं। एसटीएफ ने इनोवा गाड़ी के ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। पुलिस को शक है कि संदिग्ध शाहजहांपुर में ही कहीं छिपे हो सकते है या फिर इस रास्ते से कहीं भागने की फिराक में है।

तीन आरोपियों की 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड

लखनऊ में कमलेश तिवारी की हत्या के आरोपियों से लखनऊ में पूछताछ की जाएगी। अहमदाबाद की कोर्ट ने तीनों आरोपियों की ट्रांजिट रिमांड को मंजूरी दे दी थी। इनको अहमदाबाद से फ्लाइट से लखनऊ लाया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस की अर्जी पर कोर्ट ने तीनों की 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर ली है।

डीजीपी ओपी सिंह ने कहा- कई राज्यों में तलाश जारी

उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा कि पुलिस कमलेश तिवारी हत्याकांड पर काफी बारीकी से काम कर रही है। पुलिस सभी पहलुओं को देखकर आगे बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश के साथ ही हम महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा तथा पंजाब में भी इनकी तलाश में लगे हैं। हम सभी पहलुओं को देख रहे हैं किसी भी संभावना को नकार नहीं रहे हैं। हमारा सभी राज्य के पुलिस प्रमुखों से संपर्क है। कल हमने डीजीपी कर्नाटक के साथ महाराष्ट्र व डीजीपी गुजरात से बात की थी। हम सभी सूचनाओं का विश्लेषण कर रहे हैं किसी पहलू से इनकार नहीं कर रहे हैं। कमलेश तिवारी हत्याकांड में कनेक्शन यूपी से बाहर का भी है। इस दौरान बिजनौर के मौलानाओं से लगातार पूछताछ चल रही है।

हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की शुक्रवार को हत्या के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने शनिवार को तीन लोगों को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया था। इस दौरान डीजीपी ओपी सिंह ने बताया था कि कमलेश तिवारी हत्याकांड में सभी आरोपियों की पहचान हो गई है और 24 घंटे में हत्याकांड का पर्दाफाश हो गया है। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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