लखनऊ, (रूमा सिन्हा)। गिरते भूजल भंडार को बारिश के जिस पानी से लबालब करनी कोशिशें थीं, वह फिलहाल धराशाई होती दिख रही हैं। ऐसा मानसून की रफ्तार लडख़ड़ाने से हुआ है। सावन में सिर्फ एक दिन बचा है और प्रदेश के 36 जिलों में 40 फीसद से भी कम पानी गिरा है। प्रदेश में सीजन की कुल बरसात पर नजर डालें तो चिंता और भी बढ़ जाती है। अब तक कुल कोटा में 22 फीसद कम यानी महज 378.4 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की गई है। यही कारण हैं कि वर्षा जल संचयन अभियान बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 

जून से 12 अगस्त तक बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो 42 जिलों में सामान्य के मुकाबले 20 से 60 फीसद से अधिक की भारी कमी देखी गई है। इसमें पश्चिम, मध्य उत्तर प्रदेश तथा बुंदेलखंड के अधिकतर वह जिले शामिल हैं, जहां तमाम विकास खंड व शहर अतिदोहित व क्रिटिकल श्रेणी में आते हैं। 

लगातार घट रही बरसात 

वर्षा में यह कमी सिर्फ  इस साल ही नहीं, 2015 से जारी है। जून से सितंबर के बीच राज्य में सामान्य मानसूनी बारिश 829.8 मिलीमीटर होती है। उसकी तुलना में वर्ष 2015-16 में मात्र 53.5 फीसद, 2016-17 में 83.4 फीसद, 2017-18 में 70.6 फीसद,  2018-19 में 89.4 फीसद बारिश ही हुई है। कुछ इलाकों में बरसात हो भी रही है तो उसमें निरंतरता का अभाव है।  

वर्षा की अवधि में भी कमी
वर्षा के दिन घटने के साथ उसकी अवधि में भी कमी आई है। अधिकतर वर्षा तेज गति से होने से प्राकृतिक रिचार्जिंग में भी कमी आ रही है। इससे भूजल संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। दरअसल, जब बारिश का पानी जमीन पर कम ठहरता है तो भूमि में रिसाव भी कम होता है। बहरहाल, बारिश की कमी से भारत सरकार द्वारा प्रदेश के 36 जिलों में चलाए जा रहे जलशक्ति मिशन के तहत निर्मित किए जा रहे जल संचयन के तमाम कार्य बेमानी साबित हो रहे हैं। कारण यह है कि बारिश की कमी के चलते वर्षा जल का संचयन समुचित ढंग से नहीं हो पा रहा है।

चुनौती...कहां से आएगा पानी

अतिदोहित शामली और गाजियाबाद जिले बेहद संकट में हैं, जहां इस साल अभी तक 40 फीसद से भी कम बारिश हुई है। इसमें गाजियाबाद को बाकायदा भूजल रेगुलेशन के लिए नोटिफाई घोषित किया गया है। अन्य अतिदोहित व क्रिटिकल जिलों अमरोहा, बागपत, सहारनपुर, प्रतापगढ़, गौतमबुद्ध नगर, सम्भल, मथुरा, बदायूूं, मुरादाबाद, महोबा में भी बारिश के हालात चिंताजनक हैं, जहां 40 से 80 फीसद के बीच बारिश ही अभी तक रिकार्ड की गई है।

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Posted By: Anurag Gupta

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