लखनऊ (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले जिले रायबरेली तथा अमेठी ने अब देश को पार्टी के नेतृत्व के शीर्ष मुकाम पर बैठा दिया है। अमेठी के सांसद राहुल गांधी आज कांग्रेस के अध्यक्ष का पद संभाल लेंगे। इसके साथ ही कांग्रेस में अब राहुल राज का आगाज हो जाएगा।

इससे पहले तक रायबरेली से कांग्रेस की सांसद तथा राहुल गांधी की मां सोनिया गांधी पार्टी की अध्यक्ष थीं। सोनिया गांधी ने मार्च 1998 में पार्टी को नियंत्रण में लिया था। वह लगातार 19 वर्ष तक पार्टी की अध्यक्ष बनीं रहीं। इस दौरान कांग्रेस का नया नारा 'नव भारत विजयी भारत' भी जारी हुआ है। निर्विरोध पार्टी के अध्यक्ष चुने गए राहुल गांधी आज आज औपचारिक रुप से कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष बन जाएंगे। आज उनको उनकी जीत का सर्टिफिकेट दिया जाएगा। आज पार्टी के अध्यक्ष के रूप में राहुल गांधी की ताजपोशी के बाद कल ही गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे।

पिता राजीव गांधी की 1991 में हत्या के बाद राहुल गांधी ने भी राजनीति में कदम रखा। पहली बार 2004 में 34 वर्ष की उम्र में अमेठी से सांसद बने। 2004 के चुनावों में अटल-आडवाणी की दिग्गज मौजूदगी को मात देते हुए जब सोनिया गांधी के नेतृत्व में यूपीए ने केंद्र में सरकार बनाई। इसके बाद 2009 के चुनावों में भी अमेठी ने राहुल गांधी को सिर आंखों पर बैठाया। यूपीए को 2004 के मुकाबले अधिक सीट मिलीं। इससे ख़ुश कांग्रेस के भीतर अचानक राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की मांग होने लगी। इसके बाद भी राहुल गांधी ने शालीनता दिखाई और मनमोहन सिंह को ही अपना नेता माना। 

इसके बाद राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में बेहद सक्रिय हो गए। अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी के साथ ही रायबरेली और प्रदेश के अन्य जिलों में भी उन्होंने काफी मेहनत की। किसानों के प्रति अपनी पार्टी की पहचाने अलग बनाने की खातिर वह जमीन कब्जे के खिलाफ अलीगढ़ से भट्टा परसौल तक पहुंचे।

वहां पर किसानों का आंदोलन गरमाया हुआ था और राज्य सरकार ने नेताओं के वहां जाने पर रोक लगा दी थी तो राहुल गांधी ने मोटरसाइकिल से वहां पहुंच कर सबको चौंका दिया। इसके बाद किसानों के पक्ष में जो जमीन अधिग्रहण बिल पास हुआ, जाहिर है, उसमें राहुल गांधी का समर्थन भी था।

इसके बाद राहुल गांधी को 2013 में पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया। 2014 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से अपनी लगातार तीसरी जीत दर्ज करने वाले राहुल गांधी पार्टी को मिली 44 सीटों को 2019 में बढ़ाने की चुनौती लेकर पद पर बैठ रहे हैं। 2014 की हार को उन्होंने शालीनता से स्वीकार कर 2019 को बड़ी चुनौती माना है।

मोतीलाल नेहरू 1919 में कांग्रेस अध्यक्ष बने

राहुल गांधी के पूर्वज मोतीलाल नेहरू 1919 में कांग्रेस अध्यक्ष बने थे। इसके बाद उनकी दादी स्वर्गीय इंदिरा गांधी के पिता जवाहर लाल नेहरू कांग्रेस अध्यक्ष रहे थे। 1959 में इंदिरा गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनी थीं। इसके बाद राहुल गांधी के पिता स्वर्गीय राजीव गांधी 1985 में कांग्रेस अध्यक्ष बने थे। उनकी मां सोनिया गांधी 1998 में कांग्रेस अध्यक्ष बनी थीं। राहुल गांधी मां सोनिया की जगह लेंगे। सोनिया गांधी 19 वर्ष कांग्रेस अध्यक्ष रहीं।

Posted By: Dharmendra Pandey

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