लखनऊ, [जितेंद्र उपाध्याय]। कोरोना संक्रमण काल में आइटीआइ के मेधावियों के पास मोबाइल फोन व लैपटॉप न होने से आनलाइन पढ़ाई बाधित हो रही है। सरकार ने ऐसे मेधावियों को लैपटॉप और टैबलेट देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए व्यावसायिक शिक्षा विभाग ने लखनऊ समेम सूबे की सभी 305 सरकारी आइटीआइ से मेधावियों की सूची मांगी है।

लखनऊ समेत सूबे की 305 सरकारी आइटीआइ में 67 ट्रेडों में पढ़ाई होती है। हर साल मेरिट के आधार पर सरकारी आइटीआइ में 1,20575 विद्यार्थियों का प्रवेश होता है। 2939 निजी आइटीआइ में 3,71732 विद्यार्थियों का प्रवेश हर साल होता है। लैपटॉप देने की घोषणा के बाद प्रथम वर्ष के 1,20575 विद्यार्थियों के साथ ही करीब दो लाख द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियाें में मेधावियों का चयन किया जाएगा।

सूची हो रही तैयार : राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य ओपी सिंह ने बताया कि 10 जून को अपर निदेशक द्वारा आइटीआइ के विद्यार्थियों की सूची मांगी गई है। सूची तैयार करने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। विद्यार्थियोें को फोन करके जानकारी ली जा रही है। राजकीय आइटीआइ अलीगंज में भी सूची तैयार हो रही है।

निदेशक प्रशिक्षण एवं सेवायोजन कुणाल सिल्कू के निर्देश पर सूबे की सभी राजकीय आइटीआइ के प्रधानाचार्यों से सूची मांगी गई है। सूची मिलेन के साथ ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार के लैपटाॅप व टैबलेट देेने के निर्णय से व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण कर रहे आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को फायदा होगा।  -नीरज कुमार, अपर निदेशक सेवायाेजन

हाईस्कूल प्रमोट परिणाम के बाद शुरू होगी आइटीआइ की प्रवेश प्रक्रिया : कोरोना संक्रमण काल का असर आइटीआइ प्रवेश पर भी पड़ा है। जून के प्रथम सप्ताह से शुरू होने वाली प्रवेश प्रकिया अब हाईस्कूल में प्रमोट किए गए विद्यार्थियों के परिणाम के बाद ही शुरू हाेगी। हाईस्कूल की मेरिट के आधार पर आइटीआइ में प्रवेश होता है। अंकपत्र में प्रमोट लिखा होगा तो मेरिट कैसे बनेगी? इसे लेकर भी मंथन चल रहा है। व्यावसायिक शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक एससी तिवारी ने बताया कि हाईस्कूल परिणाम के बाद प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। 

Edited By: Anurag Gupta