लखनऊ, [जितेंद्र उपाध्याय]। विकास के इस डिजिटल युग में सबकुछ बदल गया है। इस बदलाव का फायदा युवाओं को भी मिले, इसका पूरा इंतजाम कर लिया गया है। इसके तहत आइटीआइ के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को स्मार्ट प्रशिक्षण दिया जाएगा। एक निजी मल्टीनेशन कंपनी की ओर से दिए जाने वाले 50 दिन के निश्शुल्क प्रशिक्षण के एवज में विद्यार्थियों को 20 हजार रुपये मानदेय भी मिलेगा। यही नहीं, कंपनी की परीक्षा में पास होने वाले युवाओं को नौकरी के अवसर भी दिए जाएंगे। चारबाग के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में कंपनी की ओर से आधुनिक लैब स्थापित होगी। 

पुरानी तकनीकी को आधुनिकता का रंग देकर युवकों को स्मार्ट मैकेनिक बनाने की पहल के तहत ऐसा किया जा रहा है। लखनऊ के साथ ही प्रदेश में आगरा, वाराणसी और गोरखपुर में भी इसकी स्थापना होगी। इस स्मार्ट कर्मशाला में जहां विद्यार्थियों को वर्तमान समय के उपकरणों की जानकारी दी जाएगी। स्मार्ट क्लास रूम में विद्यार्थियों को विशेषज्ञ आधुनिक तकनीकों के बारे में बताएंगे। कंप्यूटर के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा। यही नहीं इस क्लास रूम में युवाओं का ध्यान केंद्रित करने के लिए उन्हें न पेन और न ही कापी निकालने की जरूरत होगी। 

ऐसे होगा प्रवेशः राजकीय औद्योगिक संस्थान में आरएसी और इलेक्ट्रिक ट्रेड के अंतिम वर्ष के छात्रों का ही इसमे प्रवेश होगा। 50 दिन की ट्रेनिंग देकर युवाओं को स्मार्ट बनाया जाएगा। एसी कमरे में लैपटॉप के माध्यम से बड़ी स्मार्ट टीवी में युवाओं को पढ़ाया जाएगा। पढ़ाई के साथ ही स्मार्ट प्रयोगशाला भी है जहां मल्टीनेशनल ब्रांड की टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन व एसी जैसे आधुनिक उपकरणों को खोलकर खुले में इसका प्रदर्शन किया जाता है। युवाओं को हर एक पार्ट को दिखाकर सिखाया जाएगा।

डिजिटल इंडिया के तहत एक मल्टीनेशनल कंपनी से करार हुआ है। चारबाग स्थित राजकीय आइटीआइ में स्थापना होगी। कोरोना संक्रमण के चलते स्थापना में देरी हुई है। प्रवेश प्रक्रिया समाप्त होने के साथ ही लैब की स्थापना होगी। -ओपी सिंह, प्रधानाचार्य, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, चारबाग

Edited By: Vikas Mishra