गोमती के उफान से इटौंजा के कई गांवों में मंडराया बाढ़ का खतरा, SDM ने मोटरसाइकिल से लिया जायजा
गोमती नदी में पानी छोड़े जाने से इटौंजा क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का संकट गहरा गया है, जिससे ...और पढ़ें

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HighLights
गोमती नदी में पानी छोड़े जाने से इटौंजा में बाढ़।
एसडीएम ने बाइक से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
स्वास्थ्य शिविर लगे, पशु चिकित्सकों की मांग उठी।
संवाद सूत्र, इटौंजा। गोमती नदी में पानी छोड़े जाने के बाद इटौंजा क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। बुधवार को सुल्तानपुर-बहादुरपुर मार्ग पर जलस्तर में वृद्धि से ग्रामीणों की समस्याएं बढ़ गईं। कई स्थानों पर पानी भर जाने से पैदल आवागमन भी कठिन हो गया है, जिससे धान की फसलें जलमग्न हो गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम बीकेटी आकाश कुमार और तहसीलदार शरद सिंह ने बाइक से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
बाढ़ से सुल्तानपुर, बहादुरपुर, अकड़रिया कला, अकड़रिया खुर्द, लासा, जमखनवा, दुघरा और हीरापुरवा प्रभावित हैं। सुल्तानपुर-बहादुरपुर मार्ग पर जलस्तर बढ़ने से स्कूली छात्रों को भी आवागमन में कठिनाई हो रही है। बहादुरपुर निवासी राकेश लोधी ने बताया कि घरों के सामने पानी भर गया है, जिससे बच्चों को बाहर निकलने में दिक्कत हो रही है।
हरे चारे की समस्या भी उठाई
ग्रामीणों ने मवेशियों के लिए हरे चारे की समस्या भी उठाई है। खेतों तक पहुंचने के लिए उन्हें पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। बाढ़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने हरदा गांव में चिकित्सा शिविर लगाया है, जहां सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित ग्रामीणों की जांच कर दवाएं वितरित की गईं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीकेटी के अधीक्षक जेपी सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य टीम को अलर्ट कर दिया गया है और जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
अकड़रिया खुर्द निवासी संतोष ने बताया कि गांव में उनके और जगदीश के कई मवेशी बीमार हैं, लेकिन पशु चिकित्सक के न पहुंचने से पशुपालकों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने पशुओं के लिए चारे और उपचार की व्यवस्था कराने की मांग की।
एसडीएम आकाश कुमार ने अधिकारियों को राहत शिविर खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविर में स्वास्थ्य विभाग के साथ पशु चिकित्सक टीम की भी उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कर्मचारियों को बाढ़ से प्रभावित फसलों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करने और किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष जलभराव और आवागमन की समस्या रखी, जिस पर अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार बीकेटी शरद सिंह, सीएचसी अधीक्षक जेपी सिंह और पशुपालन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
