लखनऊ, जेएनएन। अयोध्या के रामजन्मभूमि तथा बाबरी मस्जिद की जमीन को लेकर भले ही मामला सुप्रीम कोर्ट में है, लेकिन बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी अपने अलग रुख पर है। आज लखनऊ में आज एक्शन कमेटी ने नदवा कॉलेज में बैठक की। बैठक में बाबरी मस्जिद के मुद्दई इकबाल अंसारी के साथ हाजी महबूब व मोहम्मद उमर भी अयोध्या से लखनऊ पहुंचे।

नदवा कॉलेज के महदुल कुरान बिल्डिंग में आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक के साथ ही बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी की भी बैठक हुई। इकबाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या में जो पैनल है उससे अभी कोई बात नही हुई है। उन्होंने कहा कि इस पैनल में श्रीश्री रविशंकर के नाम पर विवाद है। अयोध्या के साधु-संतों को उनके नाम पर ऐतराज है। उन्होंने कहा कि हम तो अयोध्या में साधु-संतों के बीच में रहते हैं, जब उन लोगों को श्रीश्री रविशंकर के नाम पर ऐतराज है तो फिर हमको भी उनके नाम पर आपत्ति है। हम भी साधुओं के साथ श्री श्री रविशंकर का विरोध करते हैं। 

उन्होंने कहा कि अयोध्या विवाद के सभी पक्षकार चाहते हैं कि मसला हल हो। उधर हालांकि कोर्ट के पैनल में शामिल श्री श्री रविशंकर का अयोध्या के संतों के साथ हम भी विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कोर्ट से पैनल में और लोगों को शामिल करने की मांग की है। इकबाल अंसारी ने कहा कि कोर्ट ने जो भी किया, वह सब ठीक है लेकिन श्री श्री रविशंकर का वह विरोध करते हैं। हाशिम अंसारी के बेटे इकबाल अंसारी ने कहा कि हम साधु संतों के साथ है। श्री श्री रविशंकर ने पहले भी अयोध्या मामले में विवादित बयान दिया था, हालांकि उन्होंने मामला नही बताया। बैठक में अध्यक्ष मौलाना राबे हसनी नदवी, महासचिव मौलाना वाली रहमानी, सचिव वकील जफरयाब जिलानी, सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी, मेहबूब अली, जमीअत उलमा ए हिन्द के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना अशहद रशीदी के साथ मौलाना अतीक बस्तवी भी थे। बैठक बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के जफरयाब जिलानी ने आहूत की है।

इस बैठक के बाद बाहर निकले इकबाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तथा बाबरी मस्जिद की जमीन के मसले पर हम सुप्रीम कोर्ट के हर फैसले का स्वागत करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद को लेकर मध्यस्थता पैनल का गठन किया है। इकबाल अंसारी ने कहा कि कल हम अयोध्या में सुप्रीम कोर्ट की गठित मध्यस्था कमेटी की बैठक में भी शामिल होंगे। कल पहली बैठक होगी। हम इस कमेटी का सम्मान करते हैं। इस मसले में कोर्ट अपना काम करेगा और पैनल अपना काम करेगा। यह मामला करीब 70 वर्ष से फंसा है। अब इसका कोई हल होना जरूरी है। मसला अमन चैन से हल होना चाहिए।

इकबाल अंसारी ने कहा कि हम तो कल पैनल के सामने जाएंगे, अगर वह जायज बात कहेगा तो ही हब बात मानेंगे। पैनल आज से अयोध्या में इस मामले में श्रीराम जन्मभूमि के पक्षकारों से बात भी करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले में मध्यस्थता के लिए पैनल गठित करने के आदेश दिए थे। इस मध्यस्थ पैनल में तीन सदस्यों को शामिल किया गया है। इस मध्यस्थता बोर्ड के सदस्यों में श्रीश्री रविशंकर के साथ ही श्रीराम पंचू को भी शामिल किया गया है। मध्यस्थता बोर्ड के अध्यक्ष जस्टिस फकीर मोहम्मद इब्राहिम कलीफुल्ला हैं।

Posted By: Dharmendra Pandey

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस