लखनऊ(जेएनएन)। विवेक तिवारी हत्याकांड में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। विवेक की गाड़ी के तकनीकी निरीक्षण में यह बात सामने आई है कि उनकी कार 60 से ज्यादा की रफ्तार में थी। बताया जा रहा है कि गोली लगने के बाद विवेक अपनी और सना की जान बचाने के लिए तेजी से कार लेकर भागे थे। वह इलाज कराने के लिए अस्पताल जा रहे थे।

सूत्रों के मुताबिक, तेज रफ्तार गाड़ी शहीद पथ के अंडर पास में मोड़ते वक्त अनियंत्रित होकर खंभे से टकरा गई थी। इसकी वजह से गाड़ी का एयर बैग खुल गया था। फॉरेंसिक के सूत्रों के मुताबिक घटना के वक्त विवेक और सना ने सीट बेल्ट लगा रखी थी। घटना के रीक्रिएशन के दौरान फॉरेंसिक विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ने भी सीट बेल्ट के बारे में जानकारी जुटाई थी। खास बात यह है कि चश्मदीद सना खान ने पुलिस को दिए बयान में कहा था विवेक सर जान बचाने के लिए तेजी से गाड़ी लेकर भागे थे।

गोली लगने के आधे घंटे बाद तक चल रही थी सांसें : विवेक की मौत गोली लगने के करीब आधे घंटे से भी ज्यादा देर बाद हुई थी। लोहिया अस्पताल के रजिस्टर में विवेक को शुक्रवार देर रात 02:05 बजे भर्ती किए जाने की पुष्टि है। वहीं मौत का समय 20 मिनट बाद 02:25 बजे हुई थी, जिसका जिक्र पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी किया गया है। करीब 20 मिनट तक अस्पताल में डॉक्टरों ने विवेक का इलाज किया था। यह वह समय है, जो अस्पताल में दर्ज है, जबकि गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद विवेक को अस्पताल ले जाने में ही काफी वक्त लगा था।

सना का बयान दर्ज किया गया

मामले में अपर नगर मजिस्ट्रेट सलिल कुमार पटेल ने सना के बयान दर्ज किए। एसीएम सलिल का कहना है कि जल्द ही जेल में बंद दोनो आरोपितों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। डीएम ने 15 दिनों के भीतर मजिस्ट्रेटी जांच पूरी कर रिपोर्ट मांगी है।

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